: जिले में भ्रष्टाचार का हो रहा बड़ा खेल- बाबूलाल अग्रवाल
Wed, Sep 6, 2023
सूरजपुर. सूरजपुर जिले में जिला स्तर पर अधिकारियों के प्रभारवाद से भ्रष्टाचार का बड़ा खेल खेला जा रहा है। भाजपा जिलाध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल ने राज्य सरकार व जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार देकर उपकृत करती है फिर उन्हीं अधिकारियों से भ्रष्टाचार कराकर अपना हिस्सा वसूल रही है। जिलें मे शिक्षा विभाग का हाल सबसे बुरा है,जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर व बलरामपुर दो-दो जिलों के प्रभार में है जिससे विभाग के कामकाज ठप्प पड़े हुए हैं। अधिकारी मिंटिंग का हवाला देकर जनता व जनप्रतिनिधियों से मुलाकात मे भी परहेज करने लगे हैं। आत्मानंद में शिक्षकों की भर्ती मे बड़ा भ्रष्टाचार हो रहा है।जिन शिक्षकों की भर्ती विभाग पूरे छानबीन व ईमानदारी के साथ होने दावा करती है वही शिक्षक फर्जी प्रमाण लगाकर नौकरी पाने व एक एक माह ड्यूटी करने के बाद डर से इस्तीफा दे दे रहे हैं। यही हाल होमगार्ड विभाग का है होमगार्ड के कमाण्डेंट तीन तीन जिलो के प्रभार मे हैं। इस विभाग की हालत यह है कि अधिकारी तीनो जिलों में सामग्री खरीदी के सेटिंग मे ही पूरा समय निकल जाता है। विभाग के कर्मचारियों अपनी ड्यूटी दिखाकर मौज कर रहे हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जिले में पूरी प्रशासनिक व्यवस्था अफसरशाही हावी है आमजनता का कोई सुध लेने वाला नही है।
: जिले में शिक्षा विभाग का हाल बेहाल...
Wed, Sep 6, 2023
सूरजपुर।जिले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों का हाल सैंया भये कोतवाल तो.......जैसा है।ऐसे में जब किसी का अंकुश न हो तो फिर मनमानी व भृष्ट कार्यशैली का आलम क्या होगा इसका अंदाज लगाया जा सकता है।शिक्षा की व्यवस्था,बच्चों का भविष्य इससे जिले के किसी अधिकारी को कोई लेना देना नही है।अधिकारी केवल अपने आकाओं की हुक्म अर्दली कर अपनी कुर्सी बचाने में मशगूल है।शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार किस हद तक फैला हुआ है, इसका अंदाजा हाल ही में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश स्तर पर पदोन्नति संशोधन मामलों में की गई कार्यवाही से लगाया जा सकता है। भ्रष्टाचार के मामले में जिले का शिक्षा विभाग भी आये दिन सुर्खियों में रहता है। यहां शिक्षकों से अवकाश स्वीकृति करने से लेकर अन्य सभी छोटे - बड़े कामों को बिना चढ़ावा के कराना संभव नहीं है। शिक्षा विभाग के अफसर छत्तीसगढ़ शासन के आदेशों और नियमों तक को कर रहे दरकिनार कर अपनी मनमानी चला रहे हैं। जिले के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में हाल ही में शिक्षकों की पदोन्नति पश्चात् एकल शिक्षकीय और शिक्षक विहीन माध्यमिक शालाओं में कई वर्षों के बाद शिक्षकों की पदस्थापना हुई थी, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों ने उन्हें फिर से शहर के नजदीक और उनकी मनचाही जगहों में संलग्न कर दिया है,जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी ज्यों की त्यों बनी हुई है। इस कार्य में रामानुजनगर विकासखंड के शिक्षा अधिकारी का कारनामा चर्चा में हैं। कई ऐसे स्कूलों को एकल शिक्षकीय और शिक्षक विहीन विद्यालय बताकर जिनमें पर्याप्त संख्या में शिक्षक कार्यरत हैं, वहां पदस्थ शिक्षकों को लाभ पहुंचाने के लिए उन्हें उनके मनचाहे स्थान पर संलग्न कर,यहां अन्यत्र विद्यालय के शिक्षकों को संलग्न कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा बहुतायत संख्या में शिक्षकों को उच्च परीक्षा उत्तीर्ण करने पश्चात् कार्योत्तर अनुमति आदेश जारी किये गये हैं, जबकि शासन के नियमानुसार किसी भी शासकीय सेवकों को अपनी शैक्षणिक योग्यता बढ़ाने के लिए और उच्च परीक्षाओं में सम्मिलित होने के लिए विभाग से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक है, इसके बावजूद भी जिले के बहुत सारे शिक्षकों ने बिना विभाग की पूर्व अनुमति के शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश लेकर उच्च उपाधि प्राप्त कर कार्योत्तर अनुमति हेतु आवेदन प्रस्तुत कर शिक्षा विभाग के सक्षम अधिकारियों से अनुमति प्राप्त कर लिया है, जबकि ऐसा करने पर कड़ी कार्यवाही का स्पष्ट प्रावधान है। कार्योत्तर अनुमति सिर्फ ऐसे शासकीय सेवकों को ही दिया जा सकता है, जिन्होंने समय - सीमा में उच्च परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु कार्यालय में अनुमति हेतु आवेदन प्रस्तुत किया हैं, और किसी कारणवश अनुमति आदेश जारी नहीं किया गया हो, तो उन आवेदनों पर पावती के आधार पर विचारोंपरांत कार्योत्तर आदेश जारी किया जा सकता है। जिले के शिक्षा विभाग द्वारा बहुतायत संख्या में अनुमति हेतु पूर्व में आवेदन प्रस्तुत किये बिना ही नियमविरूद्ध तरीके से कार्योत्तर अनुमति प्रदान किया गया है...!
प्रदेश में अधिकारियों का टोंटा....?
जिला शिक्षा अधिकारी इसी जिले के निवासी ओर कांग्रेस के एक पूर्व मंत्री के करीबी है।इसलिए उन्हें दो दो जिले का प्रभार मिला हुआ है।अब उक्त अधिकारी इस दो जिले में कांग्रेस को चुनाव में कितना फायदा दिला पाते है यह तो आने वाले वक्त में पता चलेगा..? इससे यह तय है कि प्रदेश में अधिकारियों का टोंटा है जिससे दो दो जिला देकर उपकृत किया जा रहा है। ऐसे अधिकारियों के कारण जिले में शिक्षा व्यवस्था का हाल क्या है और बच्चों के भविष्य किस तरह गढ़े जा रहे है यह देखना हो तो जिले के दूरस्थ अंचल में देखा जा सकता है..?
: सेल्फ हेल्फ एजुकेशन एण्ड रिसर्च संस्थान के द्वारा तम्बाकू मुक्त स्वस्थ विद्यालय कार्यक्रम आयोजित...
Wed, Sep 6, 2023
सूरजपुर.
पंजीकृत एंव मान्यता प्राप्त संस्था सेल्फ हेल्फ एजुकेशन एण्ड रिसर्च संस्थान के द्वारा तम्बाकू मुक्त विद्यालय कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। उपरोक्त कार्यक्रम नरोत्तम फाउंडेशन एंव सलाम मुंबई के संयुक्त दिशा निर्देश में सम्पन्न किया जावेगा। कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित किया गया। जिसमें कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के साथ साथ जिला शिक्षा अधिकारी श्री राम ललित पटेल के साथ सभी विकासखण्ड के शिक्षा, विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक उपस्थित थे। कार्यक्रम में वी. तिर्की उप संचालक पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एंव बाल विकास श्री सी एस सिसोदिया, स्वास्थ्य विभाग से डा. दीपक मरकाम उपस्थित थे।कार्यक्रम की शुरुआत कलेक्टर के द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित करके किया गया। सर्वप्रथम संस्था के संचालक श्री मनोज कुमार गुप्ता द्वारा संचालित कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताया गया। तम्बाकू मुक्त विद्यालय कार्यक्रम जिला अंतर्गत आगामी दो वर्षों में 300 विद्यालयों को तम्बाकू मुक्त विद्यालय घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। तंबाकू मुक्त विद्यालय कार्यक्रम शासन की ( तम्बाकू एंव अन्य उत्पाद, सिगरेट उत्पाद अधिनियम 2003) के अंतर्गत संचालित किया जावेगा। तम्बाकू मुक्त विद्यालय को नौ बिन्दुओ पर आधारित मानदंड को परिपालन किया जावेगा। नौ मानदंडो को संस्था के द्वारा मास्टर ट्रेनर के माध्यम से सभी विद्यालय में एप के माध्यम से तम्बाकू मुक्त विद्यालय घोषित किया जावेगा। कार्यक्रम के परियोजना संमन्वक श्री मनीष विश्वकर्मा के द्वारा पावर पाइंट के माध्यम से कोटपा एक्ट 2003 के बारे मे प्रस्तुत किया गया।
कलेक्टर ने अपने उदबोधन में बताया कि विद्यालय परिसर में तंबाकू उपयोग होने पर बच्चों के माध्यम से सूचना प्राप्त कर परामर्श के माध्यम से निराकरण करे। नशा के उपयोग से समाज प्रभावित होता है। कही न कही उसके बाद उनके बच्चांे को भुगतना पड़ता है। कार्यक्रम मंे जिला शिक्षा अधिकारी श्री रामललित पटेल के द्वारा विद्यालय में तम्बाकू से संबंधित किये जा रहे कार्य के बारे मे जानकारी दी गई। साथ ही साथ संस्था रिसर्च संस्थान के द्वारा प्रारंभ किये गये तम्बाकू मुक्त विद्यालय कार्यक्रम के लिए सराहना के साथ सहयोग देने का आश्वासन दिया गया। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास के द्वारा नशा मुक्ति के क्षेत्र मे किये जा रहे कार्य के बारे मे जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम में संस्था के प्रबंधन समिति के श्री शिवजी गिरी, कृष्णा झा, प्रियंका सोनी ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। कलेक्टर के द्वारा तम्बाकू निषेध के लिए उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शपथ ग्रहण कराया गया।