: अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई...2 मकान सहित 3 पर बुलडोजर चला...
Sat, Apr 8, 2023
सूरजपुर. प्रशासन की टीम ने नगर के वार्ड क्र 10 में सीएसपी दफ्तर व उसके बगल में किये जा रहे नवीन अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो मकान सहित तीन लोगों के बाउंड्रीवाल पर बुलडोजर चला दिया है। नवीन अतिक्रमण पर प्रशासन की कार्रवाई का स्थानीय व भाजपा के लोगो ने विरोध किया। जिसके बाद प्रशासन की टीम ने स्वयं से अतिक्रमण हटाने के लिए दो दिन का समय इस हिदायत के साथ दिया है कि अगर तय समय मे उक्त अतिक्रमण नही हटाया गया तो फिर प्रशासन अपने स्तर पर कार्रवाई करेगी। शनिवार को एसडीएम रवि सिंह के नेतृत्व तहसीलदार वर्षा बंसल, आरआई दयाशंकर सिन्हा, पटवारी रामानंद गोयल सहित राजस्व अमला पुलिस टीम के साथ नगर के वार्ड क्र 10 में बुलडोजर लेकर बनाये जा रहे नवीन अतिक्रमण पर कार्रवाई के लिए पहुंचे थे। जहां प्रशासन की टीम ने निर्माण किये जा रहे दो लोगो के मकान व एक बाउंड्रीवाल पर कार्रवाई शुरू करते हुए बुलडोजर चलाना प्रारम्भ किया। इस बीच जानकारी लगने पर भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी पहुंच गए और कब्जाधारियों के साथ मिलकर कार्रवाई का विरोध करने लगे। भारी विरोध को देखते हुए प्रशासन ने आधी अधूरी कार्रवाई कर इस हिदायत के साथ दो दिन का वक्त दिया है कि स्वयं से कब्जा हटा लें। नही तो प्रशासन अपने स्तर से कार्रवाई करेगी। प्रशासन के इस कार्रवाई से अवैध कब्जाधारियों में हड़कम्प का माहौल है।
जारी रहेगी कार्रवाई
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एसडीएम रवि सिंह ने बताया कि शासकीय भूमि पर कब्जा कर अवैध रूप से बनाये जा रहे नवीन अतिक्रमण पर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। इसके लिए प्रशासन के द्वारा प्रति सप्ताह अभियान चलाया जाएगा। अभियान के प्रथम चरण में वार्ड क्र 10 में बस स्टैंड के आसपास पर चल रहे अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई पश्चात एक से दो वर्ष पूर्व अतिक्रमण कर शासकीय भूमि में बनाये गए कब्जो पर प्रशासन का बुलडोजर चलेगा। जिसके लिए सप्ताह में शनिवार का दिन तय किया गया है। आज की कार्रवाई के बाद उसी वार्ड के 15 से 20 ऐसे लोगो को नोटिस जारी किया जा रहा है जिन्होंने एक से दो वर्ष पूर्व से मकान का निर्माण कराया है। ऐसे नवीन अतिक्रमण कारियो को स्वयं से कब्जा हटाने के लिए नोटिस जारी कर 6 दिन का समय दिया जाएगा। उसके बाद भी अगर वे अपना कब्जा नहीं हटते है तो प्रशासन के द्वारा तय किये गए दिन में बुलडोजर वाली कार्रवाई की जाएगी। जिसकी जिम्मेदारी उनकी स्वयं की होगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिन कब्जाधारियों पर कार्रवाई की जा रही है उनके मकान दो वर्ष पूर्व प्रशासन द्वारा किये गए सर्वे के दौरान नहीं थे। प्रशासन फिलहाल नवीन कब्जो पर कार्रवाई करेगी। जो शहर के अन्य वार्डो पर जहां शासकीय भूमि अतिक्रमण कारियों के कब्जे में है उसे भी कब्जा मुक्त कराएगी।
: जच्चा बच्चा की मौत का मामला...पुलिसिया कार्यवाही से असंतुष्ट परिजन...SP से अपराध दर्ज करने की मांग की...
Sat, Apr 8, 2023
सूरजपुर. स्वास्थ्य मंत्री के संभाग वाले सूरजपुर जिले में पदस्थ डॉक्टर स्टाफ किस तरह की करतूत कारनामे करने में लगे है किसी से छिपा नही है. डॉक्टरों की मनमानी चरम पर इन्हें किसी का कोई डर भय नही, खुलकर नियम कानून को तार कर इंसानियत का मजाक उड़ा रहे. रश्मि नर्सिंग होम में जच्चा बच्चा की मौत का मामला थमने का नाम नही ले रहा. जिस तरह से जिला चिकित्सालय से प्रसूता को अपने निजी नर्सिंग होम ले जाया गया,उससे हर कोई हैरत में है. जानकर बताते है अस्पताल में महिला चिकित्सक पदस्थ होने के साथ उसके कई दलाल स्टाफ भी है जो अनगिनत प्रसूता को जिला अस्पताल से निजी नर्सिंग होम भेजते रहते थे.जिसमे से कई नवजात काल के गाल में समा गए वजह डॉक्टर की लापरवाही..? सब कुछ जानते हुए भी अधिकारियों की चुप्पी ने आग में घी का काम किया है. मोटी चमड़ी हो चुकी डॉक्टर ने बेखोफ सारे नियम कानून को ताक में रखते हुए खुद की नर्सिंग होम के साथ जिला अस्पताल में ड्यूटी कर दोहरा लाभ ले रही है साथ ही यहाँ के मरीजो को नर्सिंग होम ले जा रही,अधिकारियों ने आंखे बंद कर खुली छूट दे रखी है .जिससे अस्पताल बदहाल है और दलालो के अड्डे में तब्दील हो गया. फिलहाल रश्मि नर्सिंग होम में जच्चा बच्चा की मौत के मामले में परिजन आज पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. जिसमे बताया गया है वे अब तक हुई पुलिस जांच की जांच से संतुष्ट नही है और उन्होंने सिलसिलेवार घटना क्रम की जानकारी देते हुए बताया कि उनकी पुत्री को 3 अप्रैल को सुबह जिला अस्पताल लाया 4 की शाम तक थी और डॉक्टर और उसकी सहयोगी नर्स के कहने पर वे रश्मि नर्सिंग होम ले गए और फीस बताई गई जिसमें नार्मल डिलवरी का 15 हजार बताये जाने पर दस हजार रूपये जमा किये, स्वास्थ परीक्षण कर बताया गया कि मां के पेट में बच्चा सुरक्षित है जिसका नार्मल डिलवरी होगा. बुधवार को सुबह बताया गया कि ऑपरेशन करना पड़ेगा. मेरे द्वारा सहमति देने पर ऑपरेशन किया गया और मृत शिशु होना बताया गया और ऑपरेशन के बाद खून की जरूरत बताने पर डॉ० मैडम ने जिला अस्पताल में फोन के माध्यम से चर्चा कर जिला अस्पताल में स्थित शासकीय ब्लड बैंक में मेरा नाम लेकर खून की थैली लेकर आने को कहा गया बताये अनुसार अस्पताल पहुँच 1450 रूपये फीस देकर खून की थैली लेकर नर्सिंग होम पहुँचने पर शाम को महिला डॉक्टर ने नवजात शिशु का शव उसके कहे अनुसार ले जाकर दफना दिया उसके लिए गड्ढा खोदकर का फावड़ा भी मुहैया कराया गया था.
मृतिका के पिता महेंद्र साहू ने बताया कि नदी से आने पर एक थैली खून की आवश्यकता बताकर पुनः जिला अस्पताल के ब्लड बैंक जाने कहकर बोली, मेरा बात हो गया है। जहां फीस देकर खून की थैली ले आईये मेरे द्वारा ब्लड बैंक मे राशि जमा कर ब्लड की थैली लेकर आया. खून की थैली ठण्डा होना कहकर कपड़े में गर्म किया गया और स्टॉफ के द्वारा खून चढ़ाया गया। इस दौरान मृतिका पूजा साहू का तबीयत खराब होने पर आपातकाल नं0 108 में कॉल कर एम्बुलेंस बुलाया गया। वाहन रास्ते में था तब डॉo ने हमारे फोन से कॉल कर आने हेतु मना कर दिया गया और वह कुछ नही होगा कहकर मेरे पुत्री के सीना को दबाते रहे। लेकिन आखिरकार उसकी मौत हो चुकी थी। डाक्टर ने मुझे अपने पास बुलाया और जितना जल्दी हो सके शव ले जाने को कहा। लेकिन रात होने के कारण शव ले जाने में मेरे द्वारा असमर्थता जताया गया। इस दौरान डॉ० ने दबाव बनाया और पैसे ले लो और जाओ कहा गया. इस पूरे मामले मृतिका के पिता महेंद्र साहू ने बताया कि अब तक हुई जांच विवेचना से संतुष्ठ नही है उन्होंने डॉक्टर और उनके सहयोगियों पर तत्काल एफआइआर दर्ज करने की गुहार लगाई है. अपराध दर्ज नही करने की सूरत में थाने की घेराव करने को कहा है.
: आटा के निर्माता को नोटिस जारी...
Sat, Apr 8, 2023
सूरजपुर.
जिले में खाद्य पदार्थो की मिलावट एवं गुणवत्ता पर निगरानी रखने हेतु खाद्य सुरक्षा अधिकारी विभाग द्वारा जिले में अन्य दिगर राज्यों से मिसब्रान्डेड खाद्य पदार्थ को लाकर आम जनमानस के बीच विक्रय होने की शिकायत प्राप्त हो हुई थी। साथ ही साथ खाद्य पदार्थों में एक्सपायरी तिथि के निकल जाने के बाद उसमें छेड़-छाड़ कर पुनः खाद्य में प्रयोग करने के लिए तिथि लिखकर निर्माताओं के द्वारा पुनः बाजार में प्रेषित करने की शिकायत भी मिल रही थी। जिसके आधार पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी नितेश मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने विश्रामपुर के नगर पंचायत रोड स्थित दुकानों की औचक जांच कि गई। जांच के दौरान एस.जी.पी. आटा जो कि पुरैनी कटनी, (म.प्र.) के गोपाल प्रोटिन्स इण्डिया प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा निर्मित होता है, के खाद्य पदार्थ की जांच की गई। जिसमें शासकीय खाद्य प्रयोगशाला के द्वारा उपरोक्त आटा को मिसब्रान्डेड (मिथ्या छाप) घोषित किया गया। विभाग के द्वारा आगे विवेचना की गई एवं विक्रेता तथा निर्माता गोपाल इण्डिया प्राईवेट लिमिटेड पुरैनी कटनी, (म.प्र.) को भी आरोपी बनाते हुए जांच की गई एवं मामला माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। उपरोक्त दोनों आरोपियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 26 (2) और 52 के तहत् प्रकरण बनाकर नोटिस जारी कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जिसके तहत् न्यायालय ने दोनों आरोपियों को नोटिस जारी किया है।