: हत्यारे पति को आजीवन कारावास की सजा...
Thu, Mar 11, 2021
सूरजपर- हत्या के मामले में माननीय न्यायलय ने आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है पुरा मामला 01.05.2018 की रामानुजनगर ब्लाक के ग्राम केशवनगर का है जहा पर पति ने पत्नी को मारपीट कर हत्या कर दिया था. घटना की सूचना पर रामानुजनगर की पुलिस घटना स्थल पहुंचकर जांच विवेचना कर अपराध क्रमांक 68/18 धारा 302, 201 भादवि का अपराध पंजीबद्व किया गया है प्रकरण की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी रामानुजनगर निरीक्षक रामेन्द्र सिंह के द्वारा किया गया. गवाहों के कथन के आधार पर आरोपी जगदीश राम पण्डो पिता जिला राम पण्डो उम्र 30 वर्ष निवासी केशवनगर (पण्डोपारा), थाना रामानुजनगर से पूछताछ करने पर अपनी पत्नी संगीता पण्डो को शराब पीकर घरेलू बात को लेकर फावड़ा के बेट एवं घर में रखे धनुष से तथा लात मुक्का से मारपीट कर हत्या करना बताया. मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया एवं प्रकरण में साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र माननीय न्यायालय सूरजपुर में पेश किया था. इस पूरे मामले की सुनवाई विद्धान न्यायाधीश हेमन्त सराफ माननीय सत्र न्यायाधीश सूरजपुर के यहां हुई. माननीय न्यायालय ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुये गवाहों का साक्ष्य, एफएसएल रिपोर्ट, पीएम रिपोर्ट एवं डाॅक्टर के साक्ष्य के आधार पर आरोप सिद्ध होने पर आरोपी जगदीश राम पण्डो को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास व 5 सौ रूपये अर्थदण्ड एवं धारा 201 भादवि में 5 वर्ष कठोर कारावास, 5 सौ रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है।
: गोलमाल है सब गोलमाल.....पुत्री की मौत पर मिली आर्थिक सहायता राशि में गबन....कलेक्टर से की शिकायत......
Tue, Mar 9, 2021
राजेश सोनी
सूरजपुर.- सरकारें बदली पर व्यवस्था में कोई बदलाव न हुआ है कमीशन खोरी तो जैसे दस्तूर बन कर रह गया है. इसके लिए अफसरशाही व बाबुराज बड़ी वजह है.राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन के तहत मिलने वाली राशि मे कमीशन खोरी की बात तो आम है पर इस बार हितग्राही के खाते से आधे से अधिक रूपये गोल-माल हो जाने का मामला सामने आया है. जिसकी शिकायत पीड़ित ने कलेक्टर से करते हुए राशि दिलाने के साथ इस फर्जीवाड़े की जांच की मांग की है. कलेक्टर को किये शिकायत में रामानुजनगर ब्लाक के ग्राम छिन्दिया निवासी देशुराम अगरिया ने बताया कि उसकी पुत्री की मौत वर्ष 2015 मे कुँए में डूबने से हो गई थी. जिस पर सहायता राशि के लिये लिये उसने आवेदन किया था और चार लाख रुपये मंजूर भी हुआ. राशि मंजूर होने के बाद कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ लिपिक ने उसे कार्यालय बुलाकर और बैंक में खाता खुलवाने को बोला गया. जबकि रामानुजनगर बैंक में उसका खाता है पर उसे राशि नही मिलने की बात कहते हुए सूरजपुर के निजी बैक में खाता खुलवा कर चेक बुक भी जारी कराया गया. देशुराम का आरोप है कि लिपिक ने दो चेक बुक पर उसके हस्ताक्षर करवाकर अपने पास रख लिया और बोला कि इसी आधार पर तुम्हारे खाते में पैसा आयेगा. पीड़ित ने बताया कि उसके कुछ दिनो बाद उसके खाते में चार लाख रुपये जमा भी हुये और दिनांक 05 फरवरी.2021 को दो लाख पचास हजार रुपये चेक के माध्यम से पैसे का आहरण कर लिया गया. बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर पता चला की चेक के माध्यम से शाह स्टील फर्नीचर के नाम पर आहरित किया गया है. जबकि देशु राम का बताया कि उसने कभी किसी को चेक जारी किया ही नही है. शिकायत मे देशु ने बताया कि लिपिक से इस संबंध में बात करने पर उसने सही जानकारी देने की बजाए उसे उल्टे धमकाया गया. सम्बन्धित लिपिक के इस व्यवहार से उसे आशंका है कि इस फर्जीवाड़े में उसकी सलिप्तता है. बहरहाल देशुराम ने कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ लिपिक पर कार्यवाही करने के साथ उसे ढाई लाख रुपए दिलाने की मांग की है।
: नशा ही नशा है…! पैसा ही पैसा है….!
Sun, Feb 28, 2021
राजेश सोनी
सूरजपर- युवा देश का भविष्य कहे जाते अब यही युवा वर्ग नशे के गिरफ्त मे होकर नासूर बनते जा रहे है. जिले में बच्चे व युवाओं में बढ़ रहे नशे की लत की वजह से अब उड़ता सूरजपुर बनने लगा है. नगर में इन दिनों नगर के चौक चौराहों में नौजवान युवा नशे करते दिखना आम हो गया है. नगर में नजारा यह है कि सुनसान जगहो पर रिहायसी इलाको सहित गांव व रिंग रोड, छठघाट में लड़को का झुंड नशे करते हुए दिख जाएगा. यही वजह है कि शहर में अब आपसी रंजिश के चलते लाठी -डंडे तक चलाये जा रहे है. नशे के खिलाफ ना तो आबकारी विभाग किसी प्रकार की कार्यवाही की है ना ही पुलिस इसके प्रति गंभीर है बस कागजी कार्यवाही कर अपना दायित्व पुरी कर रहे है. जबकि नशेडियो में जिला मुख्यालय नशीली दवाईयो का गढ बना हुआ है. जहा से अवैध नशीली दवाईयो का बेखौफ कारोबार संचालित है।.नशीली दवाईयों में नाइट्रासन इसका उपयोग दिमागी चीजों के लिए किया जाता है. स्पासमों प्लस-इसका इस्तेमाल पेट दर्द के लिए किया जाता है. एल्प्राजोलम टेबलेट्स यह नींद की गोली है. इन सभी दवाईयों को बिना डॉक्टरी पर्ची के नहीं दिया जाता है. जिसके बावजूद इन युवाओं के पास यह गोलियां बहुत आसानी से पहुंच रहा है. तो वही एलप्रा जोलेम, कोरेक्स, कोडीन सिरप यह दवाई केवल डॉक्टर की पर्ची के आधार पर दी जाती है अलबत्ता यह दवाई बडे आसानी से उपलब्ध है नशेडियो में. ऐसा नही है कि पुलिस कार्यवाही नही करती. छोटे कारोबारी पर एक्का दुक्का कार्यवाही होती है जबकि बडे मगरमच्छ साफ बच निकलते है।
अवैध कारोबार का सूरक्षित ठिकाना बना मुख्यालय….
नगर में नशे के ठिकाने ऐसे है और पनाहगार भी अनेक है जहा पर नशे का करोबार बेखौफ संचालित है नशे के धुये में उडता सूरजपुर में मानपुर, बडकापारा,महुआपारा,कब्रिस्तानपारा,महगवां,पर्री,नमदगिरी सहित एक दर्जन से अधिक ठिकाने है जहा पर बेखौफ नशे के सौदागरो का दुकानदारी गुलजार है. तो वही जिला मुख्यालय से लगे ऐसे गांव है जहा पर नशेड़ियो का अडडा बना हुआ है चंदरपुर,नयनपुर,परसापारा सहित कुसमुशी, शिवप्रसादनगर,भवराही सहित कई गांव गुलजार आबाद है. जानकारी बताते है कि अवैध कारोबार को विशेष सरंक्षण प्राप्त है अवैध करोबार ना करे तो परेशानी. करे तो भी परेशानी बनी रहती है जिला मुख्यालय से लगे कई दुकानदार ऐसे है जिन्हे अवैध कारोबार करने के लिये लगाम लगाने वाली संस्था के लोग खुद प्रेरित करती है. यहा तक की पैसा भी देती धंधा करने के लिये. बस उन्हे तगडा महिना मिलना चाहिये अगर मना कर दे तो उन्हे कोतवाली का चक्कर लगवाये जाते है फर्जी केस बना कर जेल भेजने की धमकी दिया जाता है। बहरहाल इन दिनों नशे की लत के चलते आपसी रंजिश को बढ़ावा हो रहा है चौक चौराहों में गाली गलौज धमकी चमकी गुटबाजी के चलते नगर में बड़ी घटना की आशंका जताई जा रही है।