: जिले में जननी सुरक्षा योजना फेल..एक सप्ताह में पांच नवजातो ने तोडा दम
Mon, Jul 23, 2018
राजेश सोनी
सूरजपुर-जिले में मातृ एवं शिशु मृत्युदर को कम करने के लिए सरकार द्वारा योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाया जा रहा है, फिर भी सूरजपुर के दुरस्थ्य क्षेत्र बिहारपुर चांदनी मे शिशु मृत्यु दर में भी कमी नहीं आ पा रही है।यहाँ बताना यह जरुरी होगा कि जिले के वनाचल क्षेत्रो में से एक बिहारपुर चांदनी क्षेत्र मे बीते एक सप्ताह मे तीन शिशुओ की मौत का आकड़ा पांच पहुच गया है!
सूरजपुर जिले के ओडगी विकासखण्ड अंतर्गत बिहारपुर चांदनी क्षेत्र मे एक सप्ताह के अंदर तीन शिशुओ सहित पांच बच्चो की मौत ने स्वास्थ्य विभाग की पोल खोल दी है, इस वनांचल क्षेत्र मे नवजात बच्चो की मौत का आकडा निकाला जाये तो परिणाम काफी चौकाने वाला होगा, यहा गर्भवती महिलाओ का पंजीयन तो किया जाता है पर उनकी सुरक्षा पर आधारित स्वास्थ्य सुविधाओ का मिलना दुर्लभ रहता है! स्वास्थ्य विभाग में तैनात ज्यादातर अधिकारी ऐसे है जिन्हें ग्रामीण क्षेत्र में क्या हो रहा है इसकी जानकारी लेने में कोई दिलचस्पी नही है।
आपको बता दे कि स्वास्थ्य सुविधा को तरसता बिहारपुर चांदनी क्षेत्र के कछवाही गांव के लक्षन पनिका की पत्नी शांती ने एकसाथ जुडवा बच्चे को 18 जुलाई को जन्म दिया लेकिन स्थानीय स्तर पर संस्थागत प्रसव की सुविधा विभाग के जमीनी अमले द्वारा शुलभ ना कराये जाने से एक शिशु ने तो जन्म के साथ ही दम तोड़ दिया वही दुसरे शिशु की प्रसव के लगभग 8 घंटे के बाद मौत हो गई! इतना ही नहीं प्रसव के बाद शिशुवती माँ शांती की तबियत भी बिगडने लगी तो उसे मध्यप्रदेश के बैढन ले जाया गया पर उसे वहा से रिफर कर उत्तरप्रदेश के शक्तिनगर के अस्पताल मे ले जाकर ईलाज करवाया गया! ठीक इसी दिन उसी गांव से लगा ग्राम मोहली की रहने वाली सतवती पति रामलक्ष्मण को प्रसव पीडा होने पर उसे 102 वाहन की सुविधा नही मिलने पर निजी वाहन कर उसे बिहारपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती किया गया,जहा पर उसने एक स्वस्थ्य बच्ची को जन्म दिया, जच्चा बच्चा स्वस्थ्य रहने पर उसकी छुटटी करने के बाद उसकी तबीयत बिगडने पर उसे बिहारपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र दुबारा लाया गया लेकिन रविवार को बंद होने का हवाला देकर उसे जिला अस्पताल सहित अन्य जगह जाने की सलाह दिये जाने पर निजी वाहन से मध्यप्रदेश के बैढन ले जाते समय बीच रास्ते मे नवजात की मौत हो गई!
यह वही बिहारपुर चांदनी का क्षेत्र है जहा पिछले वर्ष मानसुन मे मलेरिया बुखार से 27 बच्चे समेत करीब तीन दर्जन से ज्यादा ग्रामीण मौत के गाल मे समां चुके है ,हालाकि जिला प्रशासन ने गांव मे कैम्प लगाकर मौत के बढते आकडो को रोकने की पुरजोर कोशिश की थी, पर स्वास्थ्य विभाग पहले की गलती का सबब ना लेते हुये इस क्षेत्र मे स्वास्थ्य सुविधाओ का विस्तार करना भुल ही गया! और उस दौरान जिले के चिकित्साधिकारी ने बिहारपुर चांदनी क्षेत्र मे 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधा देने के जो दावे किये थे वे सभी दावे हवा-हवाई ही साबित हुए सच्चाई यह है कि आज भी बिहारपुर चांदनी क्षेत्र के ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओ के लिये तरस रहे है!
मध्यप्रदेश जाकर कराते है ईलाज
बिहारपुर चांदनी क्षेत्र मे रहने वाले ग्रामीण ज्यादा तबीयत खराब होने पर मध्यप्रदेश के बैढन जाकर ईलाज कराते है तो वही आर्थिक रुप से कमजोर लोग उचित स्वास्थ्य के अभाव मे दम तोड देते है!
गर्भ में कई बच्चों की हुई मौत
प्रसव के कई मामलो में नवजातों की मौत गर्भ में हो जाती है। ऐसे कई मामले आए दिन सामने आते रहते है। नवजातो की गर्भ में मौत हो जाना गर्भवती महिलाओं में खून की कमी और कुपोषण कमजोरी को ही डॉक्टरों के द्वारा माना जा रहा है। तो वही गर्भवती महिला का कुपोषण या कमजोर होेने का सीधा असर गर्भ में पल रहे बच्चें पर ही पडता है। जबकि एलएचएम द्वारा चलाये जा रहे जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं को मातृ शिशु सुरक्षा हेतु निःशुल्क रक्त और अन्य सुविधा देना है!
: ऐसा क्या देखा महिला आरक्षक ने कि निकल गई चिख और कॉलोनी में लग गई भीड़
Mon, Jul 23, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- नगर के अग्रसेन वार्ड स्थित सिविल कालोनी में निवासरत महिला आरक्षक के पैरों के निचे से जमीन उस वक्त खिसग गई जब शासकीय खपरैल मकान की छप्पर से दस फिट लम्बा अजगर सॉप अनाचक उसके सामने गिर गया। यह देख पहले तो महिला आरक्षक ने अपनी शुद्ध-बुद्ध खो दिया फिर खुद को संभालते हुए उसने सहयोग के लिए परिजनों और पड़ोसियों को आवाज लगाई।
गौरतलब है कि सिविल कॉलोनी में पूर्व विधायक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, नगर पालिका के सीएमओ, उपयंत्री समेत कई नाम चिन्ह अधिकारी व कर्मचारी निवास करते है। लेकिन इस कालोनी में नियमित साफ-सफाई न होने के कारण हर हमेषा यह जहरीले जीव जन्तुओं का खतरा बना रहता है। इसी कॉलोनी के एक शासकीय र्क्वाटर में महिला पुलिस आरक्षक संतोषी गिरी अपने पति व बच्चों के साथ निवास करती है। सोमवार को जब संतोषी गिरी अपने घरेलू काम काज में व्यस्त थी उसी दौरान अचानक करीब दस फिट लम्बा और काफी मोटा अजगर सॉप छप्पर से जीमन पर आकर गिरा, घर के अंदर इतने बडे और भारी भरकम सॉप को देखकर आरक्षक संतोषी गिरी के हाथ-पाव फुलने लगे किसी तरह अपने आप को संभालकर उसने पड़ोसी और परिजनों को मदद के लिए आवाज लगाई और सभी के सहयोग से उस सॉप को एक बोरे में भर लिया गया और उसे रेण नदी के पास ले जाकर छोड़ दिया गया।
उठी कॉलोनी की साफ-सफाई की मांग
कॉलोनीवासियों ने बताया कि विगत एक सप्ताह में चार बार जहरीले सॉप निकल चुके है, अक्सर यहां जहरीले जीव-जन्तुओं का खतरा बना रहता है, बरसात के दिनों में तो तेज बारिष होने पर कॉलोनी के कई घरों में पानी भर जाता है, शासकीय आवासों के पीछे झाड़ियों और कुडे़ के ढेर की वजह से यहां के लोगां की परेषानी बढ़ गई है। उन्होंने नगर पालिका का ध्यान इस ओर आकर्षित कराते हुए नियमित साफ-सफाई करने और डीडीपी का छिड़काव कराने की मांग की है।
: 5 वें दिन भी मंच से दहाड़ लगाई चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों ने
Mon, Jul 23, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- छत्तीसगढ़ लघु वेतन शासकीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष आदेश कुमार रवि के नेतृत्व में प्रांतीय आव्हान पर 4 सूत्रीय मांगों को लेकर सूरजपुर के रंगमंच मैदान में अनिश्चित कालीन हड़ताल पाँचवे दिन भी अनवरत जारी रही।
इस संबंध में उन्होंने बताया है कि 1997 के बाद छात्रावास आश्रम, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, वन, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, उद्यान विभाग आदि में समय समय पर रखे गए कलेक्टर दर, दैनिक मजदूर, जल वाहक ,चौकीदार, भृत्य सभी को नियमित करने, नियमित चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों का ग्रेड वेतन बढ़ाकर 1900 रुपये करने, कार्यभारित कर्मचारियों को 240 दिन का अवकाश नगदीकरण का लाभ प्रदान करने, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवा अवधि में बढ़ोतरी करने की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। उन्हांने कहा कि जब तक हमारी मांगों को मान नहीं लिया जाता और लिखित रूप में सरकार द्वारा संघ को अवगत नहीं करा दिया जाता तब तक अनिश्चित कालीन हड़ताल जारी रहेगा। इस आंदोलन में परमानंद, पंकज पैकरा, विनोद कुशवाहा, नंदकिशोर कुशवाहा, तेज प्रताप सिंह, शम्भू राम, शिव पैकरा, श्यामलाल सिन्धे, खुशी चौधरी, रामवृक्ष रवि, धर्मसाय, मनोज सोनवानी, भदेलाल, रामपुलिस ,परमेश्वर राम, डुलेस्वर, देव चरण, मोहमद, अजय भगत, नियाज, बाबूलाल, दुर्योधन सिंह, रामनरायन नेटी, फुलसाय, राजू यादव, शंकर, रामकुमार यादव राम, रामपाल, हरिलाल, जयमती सिंह, चन्द्रमणि, एंजेला तिग्गा, बसन्ती राजवाड़े, बुधनी किन्डो, बसन्ती मिंज, सरवानो सिंह, नीलमणी, रनिया देवी, सविता सिंह, अमृता कुशवाहा, उमा साहू, सरिता राजवाड़े सहित बड़ी संख्या में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारीगण उपस्थित थे।