: एम्बुलेंश नहीं मिली हो गई देर, सर्पदंश पीड़ित नाबालिक ने तोड़ा दम
Tue, Jul 17, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर - जिले के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रेमनगर में 108 एम्बुलैंस न होने के कारण सर्प दंस से एक 14 वर्षीय नाबालिक लड़की की जान चली गई। और ना जाने कितने लोगों की जान प्रतिदिन जा रही होंगी। जिसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग एम्बुलेंस की वेवस्था करते दिख नही रहा हैं।
गौरतलब है कि प्रेमनगर जनपद के अंतर्गत ग्राम पंचायत टाकर ( पर्वतपुर) निवासी मृतक साफियानो 14 वर्षीय, पिता बिफलराम, जाति बिंझवार, अपने घर पर खटिया में सो रही थी कि देर रात को बिस्तर में डंडा करैत सांप चढ़ गया और मृतक को काट लिया, शुबह 4 बजे आस - पास घर वालो ने मृतक साफियानो का तबियत बिगड़ते देखा और आपातकालीन 108 में कॉल कर मदद चाही पर प्रेमनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 108 एम्बुलेंस ना होने के कारण 30 किलोमीटर दूर रामानुजनगर हॉस्पिटल से आधे घण्टे में भेजने की बात कही थी। पर घर वालों के पास निजी सुविधा ना होने के कारण मृतक के परिजनों ने बाइक से 6 बजे के आस पास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रेमनगर में लाया गया जहाँ प्राथमिक उपचार होते वक्त मृतिका ने दम तोड़ दी। चिकित्सक ने बताया की मरीज को लाने में देर कर दी जिसके कारण उसे नही बचाया जा सका । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रेमनगर में 37 ग्राम पंचायत हॆं ऒर सेकड़ों की संख्या में ग्रामीण इलाज कराने आते हैं, दुरस्थ क्षेत्र के उराक, ठोर ठिहाई, रिझना बहरा, गिट्टी भट्टा, हरियरपुर आदि पंचायतों के बीमार लोग इलाज करवाने के लिए इसी स्वास्थ्य केंद्र में आते हैं। ऐसे में यदि उक्त पंचायतों में कोई व्यक्ति अधिक बीमार हो जाता है या कोई दुर्घटना हो जाती है तो 30 किलोमीटर दूर रामानुजनगर से 108 एम्बुलैंस मंगवानी पड़ती है और यदि वह एम्बुलैंस किसी दूसरे स्थान पर चली गई हो तो लोगों को मजबूरन बीमार व्यक्तिको निजी वाहन करके स्वास्थ्य केंद्र लाना पड़ता हैं।
बीते 3 महीने से अस्पताल में आपातकाल एम्बुलेंस 108 नही हैं। जिसको लेकर जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य अधिकारी किसी तरह से कोई ठोस कार्यवाही करते नही दिख रहे है जिसका खामियाजा वनांचल क्षेत्रों, पक्की सड़क से दूर जंगलों के बीच रह रहे ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ना जाने कितने मासूम लोगों के जीवन लीला समाप्त होने के इंतजार में बैठे हैं।
: बरसात होते ही बिहारपुर क्षेत्र में फिर शुरू हुआ मौत का सिलसिला
Tue, Jul 17, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- जिले के सीमावर्ती चादनी बिहारपुर क्षेत्र के ग्राम महुली में बरसात शुरू होते ही मौसमी बिमारी ने अपना घर बनाना शुरू कर दिया है। विगत वर्ष बरसात के दिनों में ही इस क्षेत्र के कई ग्राम मलेरिया और डायरिया की चपेट में आ गये थे और सिलसिलेवार ढंग से तीन दर्जन से भी अधिक लोगों की अकाल मौत हो गई थी, मंगलवार को महुली निवासी दो वर्षीय बालक की बुखार से मौत हो गई। इस मौत को लेकर ग्रामीणजन दहषत में है। वे आषंकित है कि कही पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी क्षेत्र में मौत का ताण्डव इस मासूम की मौत से शुरू तो नहीं हो गया।
इस संबंध में देवलोक प्रतिनिधि पप्पू जायसवाल ने बताया कि मंगलवार को महुली निवासी रामसेवक पनिका के दो वर्षीय पुत्र ऊतक पनिका को बुखार की षिकायत होने पर महुली उपस्वास्थ्य केन्द्र लाया गया था, लेकिन यहां उपस्वास्थ्य केन्द्र में ताला लटकने के कारण बच्चे को उपचार के लिए बिहारपुर ले जाया गया था। जहां से उसे रेफर करने के बाद परिजनों के द्वारा पड़ोसी राज्य के सीमावर्ती शहर बेढ़न ले जाया
जा रहा था, जिसकी रास्ते में ही मौत हो गई।
स्वास्थ्य अमले को एलर्ट होने की जरूरत
मासूम बच्चे की मौत के बाद क्षेत्र के ग्रामीण पिछले वर्ष की भयावह तस्वीर को याद कर के परेषान हैं, पिछले वर्ष की तरह मौत का सिलसिला शुरू न हो जाये इसलिए उन्होंने कलेक्टर का ध्यान इस ओर आकर्षित कराते हुए क्षेत्र में स्वास्थ्य अमले को एलर्ट करने की मांग की है और ग्राम महुली के छः माह से बंद पड़े उपस्वास्थ्य केन्द्र का संचालन नियमित रूप से शुरू करने के साथ- साथ स्वास्थ्य षिविर लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण व उपचार शुरू करने की भी मांग की है।
: सूरजपुर के किस तहसीलदार पर लगा एस्सार कम्पनी से सांठगांठ का आरोप
Tue, Jul 17, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- जिले के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के लोगों ने ओडगी तहसीलदार पर मुआवजा में हेराफेरी करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है ग्रामीणों का कहना है कि ओडगी तहसीलदार शालिकराम गुप्ता के द्वारा एस्सार पावर ट्रांसमिशन कंपनी के एजीएम के के त्रिपाठी के साथ सांठगांठ करके टावर और तार बिछाने के काम में ग्रामीणों के साथ भेदभाव किया गया है। मुआवजा वितरण की ना तो कोई गाइडलाइन बताई गई है और ना ही कोई दर निर्धारण किया गया ह,ै ऐसी स्थिति में नियम विरुद्ध तरीके से तहसीलदार द्वारा ग्रामीणों को क्षति पहुंचाई जा रही है।
ओड़गी जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष नित्यानंद पाठक ने बताया कि एस्सार पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा टावर निर्माण एवं तार बिछाने का काम किया जा रहा है टावर लगाने के दौरान किसानों के साथ समन्वय बनाने और पंचायत की सहमति लेकर गाइडलाइन के अनुसार मुआवजा देने का प्रावधान है, लेकिन किसी भी प्रावधान का तहसीलदार के द्वारा पालन नहीं किया गया है उनका कहना है कि एस्सार कंपनी के एजीएम के के त्रिपाठी और तहसीलदार शालिक राम गुप्ता ने आपस में सांठगांठ करके दलालों के सहयोग से किसानों का हक छीन लिया है किसानों को न तो विश्वास में लिया गया है और ना ही उनकी जमीन का उचित मुआवजा दिया जा रहा है मुआवजा वितरण से पूर्व ग्रामसभा का आयोजन कर वांछित भूमि का मुआवजा निर्धारित किया जाना था, लेकिन भूमि के दर निर्धारण को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है टावर लगाने के लिए जमीन के साथ-साथ इस मार्ग में पड़ने वाले पेड़ पौधों की भी कीमत किसानों को दिया जाना चाहिए था लेकिन तहसीलदार ने सांठगांठ कर पूरे प्रकरण में गरीब आदिवासी और किसानों को नुकसान पहुंचाया है कई किसानों को तो मुआवजा भी नहीं मिला है और दलालों के नाम पर फर्जी रूप से मुआवजा प्रकरण बनाकर उन्हें लाभ पहुंचाया जा रहा है जनपद उपाध्यक्ष नित्यानंद पाठक ने इसकी शिकायत कलेक्टर से करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
प्रभावित किसानों को नहीं मिला मुआवजा
जनपद उपाध्यक्ष नित्यानंद पाठक ने बताया कि जिन किसानों की जमीन पर टावर लगाया जा रहा है और टावर के कारण जिन किसानों की जमीन प्रभावित है उनमें मुकुंदलाल जायसवाल, बैकुंठ पूरी, जगदीशपुरी, पवन कुमार, देवांगनपुरी, रामजी जायसवाल, लालजी, सीताराम, रिचक बिहारी, सुरेंद्रपुरी, विजय बहादुर, कन्नीलाल, अरविंद कुमार, राजकुमार, परशुराम, रामकृपाल, सोबरन सिंह, कमलेश कुमारी, बिहारीलाल, लालबिहारी, श्याम सुंदर, नन्हीं पण्डो, कांता सिंह, खूनप्रसाद, केवल सिंह, कुमान सिंह, अंबिका सिंह, शुघर सिंह, मनबोध यादव, नंदपुरी एवं अन्य किसान और उनके सगे संबंधी का नाम शामिल है जिन्हें मुआवजा के नाम पर ठग दिया गया है।