: दृष्टिबाधित गर्भवती अबला का मुकबधिर पति ने छोड़ा साथ, मायके में भी नहीं मिला सहारा
Thu, Jul 12, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- जिले के चंदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम देवरी निवासी गर्भवती युवती को बुधवार को संजीवनी एक्सप्रेस से मेडिकल कॉलेज लाया गया। दृष्टि दोष की षिकायत से युवती को देखने में दिक्कत होती है। मंगलवार रात उसे अस्पताल परिसर में भटकते पुलिस सहायक केन्द्र के एक आरक्षक ने देखा और जानकारी प्रभारी अधिकारी को दी। नारी निकेतन भेजने के दौरान पेट दर्द की षिकायत पर उसे लेबर वार्ड में भर्ती कराया गया।
देवरी ग्राम निवासी धनेष्वरी पिता सग्गर गोड़ 19 वर्ष का विवाह वर्ष 2016 में बरकटिया निवासी गूंगे लड़के से कर दी थी, पिता द्वारा की जाने वाली मारपीट से त्रस्त होकर वह वापस मायके आ गई, महिला ने बताया कि मुझे ससुराल में खाना तक भी नसीब नहीं होता था, यदि खाना कोई देता तो भी पति उसे छिपा देता और इसे लेकर सास- ससुर से भी मारपीट करते थे, इसी बीच वह गर्भवती हुई, तो इधर शराबी पति सात माह से भर्गवती पुत्री को मारपीट कर घर वापस जाने को मजबूर कर दिया। गूंगे पति की मार और व मायके से पिता द्वारा घर से भगाने के बाद वह लगभग 150 रूपये लेकर अम्बिकापुर पहुची। यहां से चिरमिरी रहने वालो बड़े पिता के बेटी के घर जाने निकली लेकिन बिना मिले ट्रेन से वापस अम्बिकापुर आई गई, रेल्वे स्टेषन के सफाई कर्मियों की नजर उस पर पड़ी और 108 नम्बर में फोन करके गर्भवती महिला के स्थिति के बारे में जानकारी दी। मौके पर पहुंची संजीवनी टीम से लेकर अस्पताल पहुंची और भगवान भरोसे छोड़ दिया। जिससे वह भटकर रही थी, चार भाई और एक बहन भरा पूरा परिवार होने के बावजूद भी जनर दोष झेल रही युवती ऐसे में दर- दर ठोकर खा रही है। उसे फिलहाल पेट दर्द की षिकायत अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
: शराबी ने किया अग्निस्नान, इलाज के दौरान मौत
Thu, Jul 12, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- जिले के ग्राम गोपालपुर निवासी शनिलाल देवांगन पिता श्यामलाल देवांगन 18 वर्ष बीते 7 जुलाई को शराब के नषे में घर पहुंचा और स्टोप से मिट्टी तेल डालकर खुद को आग के हवाले कर लिया। उसे जिला अस्पताल से रेफर करने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 10 जुलाई के सयांक 4 बजे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि मृतक शराब सेवन करने का आदि था। पुलिस को अस्पताल की तरहीर मिलने पर मृतक के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सुपुर्द कर दिया है।
: अपराध नियंत्रण पुलिस का मूल कार्य, लापरवाही बर्दाष्त नहीं
Wed, Jul 11, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- जिले के पुलिस कप्तान जीएस जायसवाल ने क्राईम मीटिंग में मातहतों को दो टूक शब्दों में कहा कि कार्य में लापरवाही हरगिज बर्दाष्त नहीं होगी। उन्होंने सड़क दुर्घटना होने की स्थिति में तत्काल एम्बुलेंश को सूचना देते हुये घायल व्यक्ति को यथाशीघ्र प्राथमिक उपचार कराने का प्रयास किये जाने एवं शिकायतों को सप्ताह में एक बार बीट भ्रमण, चलित थाना के माध्यम से निराकरण करने के निर्देश दिये। वहीं संदिग्ध व्यक्तियों के हॉटल, लॉज में आने पर उसके संचालक तत्काल पुलिस को सूचना देने हेतु निर्देशित करने, बाहर से आकर रूकने वाले व्यक्तियों का आईडी प्रूफ की जानकारी लेकर उसका संधारण करने, घटना, दुर्घटना, विपरित परिस्थिति अथवा किसी प्रकार की कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित होने पर पुलिस बल तत्काल मौके पर उपस्थित हो यह सुनिश्चित करने, थाना चैकी में पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों के कार्यो का आंकलन कर बेहत्तर कार्य लिये जाने के निर्देश भी दिये।
बैठक के दौरान थानों में पंजीबद्व लंबित अपराध, चालान, शिकायत, मर्ग जांच की विस्तृत जानकारी लेकर उनके निराकरण हेतु मार्गदर्शन देने, आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बाहर से आने वाले बल की रूकने के स्थान पर बिजली व पानी की सुविधा की उपलब्धता, सम्पत्ति संबंधी अपराधों की जानकारी लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराने, दिये गये टारगेट पर किये गये कार्यवाही की समीक्षा करने हेतु पुलिस कन्ट्रोल रूम के सभाकक्ष में अपराध समीक्षा बैठक ली।
मीटिंग में पुलिस अधीक्षक जी.एस.जायसवाल ने थाना चैकी प्रभारियों से पंजीबद्व अपराध, तैयार किये गये चालान, गुम इंसान के प्रकरण एवं लंबित शिकायत पत्र की जानकारी लेकर उसका शीघ्र निराकरण करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। सम्पत्ति संबंधी अपराध जिनमें आरोपियों की गिरफ्तारी एवं माल बरामद नहीं हुये हैं उन मामलों में स्पेशल पुलिस टीम की सहायता से खुलासा करने, किसी प्रकरण या शिकायत के संबंध में जानकारी मंगाये जाने पर वह तथ्यात्मक एवं सही हो यह सुनिश्चित करने, थाना क्षेत्र की प्रत्येक गतिविधियों की जानकारी रखने, आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने एवं अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा किये गये अच्छे कार्य से अवगत कराने ताकि उन्हें पुरस्कृत किया जा सके। आदतन अपराधियों के आपराधिक रिकार्ड संधारित कर वैधानिक कार्यवाही करने, स्थाई वारंटियों की धर पकड़ हेतु विशेष अभियान चलाने एवं जिले एवं सरगुजा रेंज में निवासरत् आदतन अपराधियों की रिकार्ड संधारित करने के निर्देश दिये।
पारदर्षिता के साथ दायित्वों का हो निर्वहन
पुलिस अधीक्षक जायसवाल ने कहा कि अपराध को रोकना पुलिस का मूल कार्य है, पुलिस की कार्यवाहियों को पारदर्शिता बनाये रखने के निर्देश दिये। पुलिस एक ऐसी संस्था है जो जनसामान्य की लगभग हर एक समस्याओं के निदान के लिये सदैव तत्पर रहती है, किसी भी व्यक्ति के मुश्किल समय में वह पुलिस से मदद् की अपेक्षा करता है ऐसी स्थिति में पुलिस के अधिकारी कर्मचारी उनकी अपेक्षा की स्थिति को भांपते हुये तत्परतापूर्वक मदद करें। पीड़ित व्यक्ति के थाने में आने पर उसकी शिकायत व समस्या को विस्तारपूर्वक सुनकर उचित निराकरण करें, किरायेदारों की चेकिंग कर उसका रिकार्ड संधारण करने के निर्देष देते हुए पुलिस अधीक्षक जी.एस.जायसवाल ने कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को सजा भी दी। मीटिंग में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेघा टेंभुरकर, बी.एल.केहरी, सीएसपी डी.के.सिंह, डीएसपी मुख्यालय निमिषा पाण्डेय, एसडीओपी सूरजपुर मनोज धु्रव, एसडीओपी प्रेमनगर चंचल तिवारी, रक्षित निरीक्षक सनत ठाकुर, जिले के समस्त थाना, चैकी, यातायात, स्पेशल पुलिस टीम प्रभारी, पुलिस अधीक्षक कार्यालय के शाखा प्रभारीगण उपस्थित रहे।