: नाली के ढक्कन में क्रेक ही क्रेक,जीएसबी और वेट मिक्स का लिया सैम्पल
Admin
Sun, Jun 3, 2018
राकेश मित्तल
प्रतापपुर-अम्बिकापुर प्रतापपुर मार्ग में घटिया निर्माण किस हद तक हो रहा है यह जगन्नाथपुर के पास नाली निर्माण में देखा जा सकता है जहां बिना क्युरिंग के ढक्कन में क्रेक ही क्रेक हैं,शिकायतों के बाद तहसीलदार के नेतृत्व में पहुंची जांच टीम को निर्माण में कई अनियमितताएं मिलीं। कल्याणपुर के पास जीएसबी और वेट मिक्स का सैम्पल लिया गया,अधूरे पूलों को देखते हुए एक सप्ताह में पक्का डायवर्सन बनाने निर्देशित किया ताकि मार्ग अवरुद्ध न हो।वहीं जांच के दौरान मिले घटिया निर्माण पर कार्यवाही न होने पर शिकायतकर्ताओं ने फिर से आंदोलन की चेतावनी दी है।
मिली जानकारी के अनुसार अम्बिकापुर प्रतापपुर मार्ग में सड़क विकास निगम और ठेकेदार द्वारा कराये जा रहे घटिया निर्माण के साथ विभिन्न अनियमितताओं की शिकायत आरटीआई कार्यकर्ता राकेश मित्तल ने करते हुए घटिया मटेरियल के प्रयोग की पुनः सैम्पल जांच के लिए शपथ पत्र दिया था,कांग्रेस की ओर से नवीन जायसवाल,जगतलाल आयाम और प्रियंकल तिवारी ने भी घटिया गिट्टी,बिना मशीन के काम,धूल,सुरक्षा,जल संसाधन विभाग को पानी का भुगतान नहीं,खनिज विभाग की अनुमति के बिना मुर्रम उत्खनन,बालू निकालना,वन भूमि पर बिना अनुमति निर्माण सहित विभिन्न बिंदुओं पर जांच व उच्च क्वालिटी के निर्माण के लिए चक्का जाम की चेतावनी दी थी।इन शिकायतों के बाद एसडीएम प्रतापपुर ने तहसीलदार के नेतृत्व में टीम गठित की थी जिसके बाद गुरुवार को तहसीलदार जेपी तिवारी,एसडीओ पीडब्ल्यूडी श्री राठौर,एसडीओ इर्रिगेशन सीएस ध्रुव ने मौके पर जाकर शिकायत कर्ताओं व सड़क विकास निगम की बीपीएम रश्मि वैश्य,श्री श्रीवास्तव व गांवर कंपनी के कर्मचारियों की उपस्थिति में जांच की।सबसे पहले उन्होंने कल्याणपुर के पास सड़क में डाली गई जीएसबी और वेट मिक्स की खुदाई कर सैम्पल लिया जिसे स्वतन्त्र रूप से जांच हेतु भेजा जाएगा,सड़क में पानी का छिड़काव नहीं पाया गया जो धूल का कारण बन रहा है। सड़क में वेटमिक्स डालने के लिए पेवर मशीन का प्रयोग किया जाना था जो नहीं पाया गया,खनिज विभाग से मुर्रम उत्खनन और पानी के लिए जल संसाधन विभाग से अनुमति के साथ टेक्स न देने की बातें सामने आईं।जगन्नाथपुर और प्रतापपुर क्षेत्र में पाईप शिफ़्टिंग होना नहीं पाया गया जिससे पेय जल सप्लाई बाधित हो गयी है।गोहगड़ नाला के साथ अन्य नदी नालों में पूल पुलियों का निर्माण बहुत ही धीमी गति से होना पाया गया जो आने वाली बारिश में रास्ता बंद होने का कारण बन सकता है जिस पर विभाग और ठेकेदार के कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गयी कि पूल पुलियों के पूर्ण होने का इंतज़ार न करें और एक सप्ताह के भीतर सभी जगह पक्की डायवर्सन सड़क बनाएं ताकि आवागमन बरसात में बन्द न हो और यदि ऐसा होता है विभाग और ठेकेदार को दोषी मां कार्यवाही की जाएगी। जांच के बाद तहसीलदार जेपी तिवारी ने बताया कि शिकायत कर्ताओं के सहमती से सड़क से लिया गया मटेरियल लैब में जांच हेतु भेजा जाएगा,खनिज विभाग,जलसंसाधन विभाग को पत्र लिख उनके द्वारा जारी आदेशों की कापी मांगी जाएगी,यदि उनसे अनुमति नहीं हुई है तो आवश्यक कार्यवाही की जाएगी,पीएचई पर अब तक पाईप शिफ़्टिंग न करने के मामले में कार्यवाही की जाएगी तथा पोल शिफ़्टिंग के मामले में भी जानकारी ले जांच कार्यवाही की जाएगी।कुछ जगहों पर अनियमितता मिली है जिसका प्रतिवेदन तैयार कर उच्च अधिकारियों को दिया जाएगा।
नाली के ढक्कन में क्रेक ही क्रेक,नहीं होती क्युरिंग
सड़क का निर्माण कितना घटिया हो रहा है इस बात का अन्दाजा जग्गन्नाथपुर के पास बन रही नालियों को देखकर लगाया जा सकता है,इनका निर्माण हुए एक हप्ता भी नहीं हुआ है और ढक्कन में क्रेक ही क्रेक है।जब यहां पर जांच टीम पहुंची तो क्रैक्स को देख भौंचक्के रह गए,कंसल्टेंट के कर्मचारी और ठेकेदार के कर्मचारियों ने बहाना ढूंढना चालू कर दिया और कहा कि निर्माण तो बहुत अच्छा है लेकिन क्युरिंग के कारण क्रैक्स आ गए हैं।उनकी बातें सुन तहसीलदार उनपर भड़क गए वहीं शिकायत कर्ताओं ने नाली तोड़ नव निर्माण की बात कही क्योंकि बिना क्युरिंग पूरी नाली घटिया और कमजोर हो गयी है,उन्होंने मौके पर नाली का नव निर्माण न कराने पर आंदोलन के साथ दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही।जांच कर रहे अधिकारी गांवर कम्पनी के अभिमन्यु कुमार के उस जवाब पर भी भड़क गए जब उसने कहा कि टैंकर नहीं था इसलिए क्युरिंग नहीं हुई,आज टैंकर मिला है तो पानी डलवा रहे हैं।बताया जा रहा है कि घटिया नाली को लेकर सड़क विकास निगम के अधिकारियों से ग्रामीणों की बहस भी हो चुकी है और अपनी कमी छिपाने वे ढक्कनों में घोला मरवा रहे थे जिसका भी ग्रामीणों ने विरोध किया था।
पूरी सड़क में सिर्फ एक टैंकर ही दिखा
जांच टीम ने प्रतापपुर से कल्याणपुर तक करीब तीस किमी की यात्रा की लेकिन कमाल की बात थी कि पूरी सड़क में एक ही टैंकर दिखाई दिया। धूल से राहत दिलाने न सड़क में पानी डाला जा रहा है और न ही पक्के कामों जैसे पुल पुलियों और नालियों में क्युरिंग की जा रही है। चूंकि आज जांच टीम जानी थी इसलिए एक टैंकर जगन्नाथपुर भेज दिया गया था जो सर्फ औपचारिकता के लिए ढक्कनों में पानी डाल रहा था,जांच टीम के सामने गांवर कम्पनी के अभिमन्यु ने भी टैंकर न होने की बात स्वीकार की।
सैम्पल के समय ना नुकुर करते आये अधिकारी
जांच टीम शिकायतकर्ताओं के साथ कल्याणपुर के पास जब मटेरियल का सैम्पल ले रही थी तो सड़क विकास निगम की रश्मि वैश्य ना नुकुर करती नजर आईं,घटिया मटेरियल होबे का डर उनके चेहरे और बातों से साफ झलक रहा था।शिकायतकर्ता अपने लिए अलग से सैम्पल की मांग कर रहे थे ताकि वे स्वतन्त्र लैब में जांच करा सकें लेकिन रश्मि वैश्य जांच टीम को समझाने में लग गईं फिर जब शिकायत कर्ताओं के अनुसार लैब में जांच होने की बात तहसीलदार ने कही तब एक ही सैम्पल दोनों जीएसबी और वेटमिक्स का लिया गया।गौरतलब है कि सड़क में चुना का पत्थर युक्त घटिया गिट्टी और फर्जी टेस्ट रिपोर्ट लगाए जाने के आरोप लगाए गए हैं।
सड़क विकास निगम घटिया निर्माण से झाड़ते नजर आया पल्ला
जांच के दौरान एक और बात कमाल की सामने आई जब सड़क विकास निगम के अधिकारी ही घटिया निर्माण से अपना पल्ला झाड़ते नजर आए। जगन्नाथपुर में घटिया नाली की बात पर सड़क विकास निगम के श्री श्रीवास्तव ने कहा कि उनका काम तो सिर्फ नजर रखना है पूरी जवाबदारी कंसल्टेंट और ठेकेदार की है।
सड़क का निर्माण कितना घटिया हो रहा है इस बात का अन्दाजा जग्गन्नाथपुर के पास बन रही नालियों को देखकर लगाया जा सकता है,इनका निर्माण हुए एक हप्ता भी नहीं हुआ है और ढक्कन में क्रेक ही क्रेक है।जब यहां पर जांच टीम पहुंची तो क्रैक्स को देख भौंचक्के रह गए,कंसल्टेंट के कर्मचारी और ठेकेदार के कर्मचारियों ने बहाना ढूंढना चालू कर दिया और कहा कि निर्माण तो बहुत अच्छा है लेकिन क्युरिंग के कारण क्रैक्स आ गए हैं।उनकी बातें सुन तहसीलदार उनपर भड़क गए वहीं शिकायत कर्ताओं ने नाली तोड़ नव निर्माण की बात कही क्योंकि बिना क्युरिंग पूरी नाली घटिया और कमजोर हो गयी है,उन्होंने मौके पर नाली का नव निर्माण न कराने पर आंदोलन के साथ दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही।जांच कर रहे अधिकारी गांवर कम्पनी के अभिमन्यु कुमार के उस जवाब पर भी भड़क गए जब उसने कहा कि टैंकर नहीं था इसलिए क्युरिंग नहीं हुई,आज टैंकर मिला है तो पानी डलवा रहे हैं।बताया जा रहा है कि घटिया नाली को लेकर सड़क विकास निगम के अधिकारियों से ग्रामीणों की बहस भी हो चुकी है और अपनी कमी छिपाने वे ढक्कनों में घोला मरवा रहे थे जिसका भी ग्रामीणों ने विरोध किया था।
पूरी सड़क में सिर्फ एक टैंकर ही दिखा
जांच टीम ने प्रतापपुर से कल्याणपुर तक करीब तीस किमी की यात्रा की लेकिन कमाल की बात थी कि पूरी सड़क में एक ही टैंकर दिखाई दिया। धूल से राहत दिलाने न सड़क में पानी डाला जा रहा है और न ही पक्के कामों जैसे पुल पुलियों और नालियों में क्युरिंग की जा रही है। चूंकि आज जांच टीम जानी थी इसलिए एक टैंकर जगन्नाथपुर भेज दिया गया था जो सर्फ औपचारिकता के लिए ढक्कनों में पानी डाल रहा था,जांच टीम के सामने गांवर कम्पनी के अभिमन्यु ने भी टैंकर न होने की बात स्वीकार की।
सैम्पल के समय ना नुकुर करते आये अधिकारी
जांच टीम शिकायतकर्ताओं के साथ कल्याणपुर के पास जब मटेरियल का सैम्पल ले रही थी तो सड़क विकास निगम की रश्मि वैश्य ना नुकुर करती नजर आईं,घटिया मटेरियल होबे का डर उनके चेहरे और बातों से साफ झलक रहा था।शिकायतकर्ता अपने लिए अलग से सैम्पल की मांग कर रहे थे ताकि वे स्वतन्त्र लैब में जांच करा सकें लेकिन रश्मि वैश्य जांच टीम को समझाने में लग गईं फिर जब शिकायत कर्ताओं के अनुसार लैब में जांच होने की बात तहसीलदार ने कही तब एक ही सैम्पल दोनों जीएसबी और वेटमिक्स का लिया गया।गौरतलब है कि सड़क में चुना का पत्थर युक्त घटिया गिट्टी और फर्जी टेस्ट रिपोर्ट लगाए जाने के आरोप लगाए गए हैं।
सड़क विकास निगम घटिया निर्माण से झाड़ते नजर आया पल्ला
जांच के दौरान एक और बात कमाल की सामने आई जब सड़क विकास निगम के अधिकारी ही घटिया निर्माण से अपना पल्ला झाड़ते नजर आए। जगन्नाथपुर में घटिया नाली की बात पर सड़क विकास निगम के श्री श्रीवास्तव ने कहा कि उनका काम तो सिर्फ नजर रखना है पूरी जवाबदारी कंसल्टेंट और ठेकेदार की है।विज्ञापन
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