: राजनैतिक दलों के समक्ष हुआ ई.व्ही.एम. का पहला रेण्डमाइजेशन...
Fri, Oct 20, 2023
सूरजपुर.
जिले के विधानसभा क्षेत्रों में उपयोग होने वाले ई.व्ही.एम. और व्ही.व्ही. पैट मशीनों का प्रथम लेवल रेंडमाइजेशन आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में किया गया। रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के तहत ई.व्ही.एम आबंटन की प्रक्रिया पर उठने वाले सवालों और आपत्तियों की आशंका को खत्म किया जाता है। ईएमएस सॉफ्टवेयर से कंप्यूटर उपलब्ध सभी ई.व्ही.एम के नंबरों की सूची को दर्ज किया जाता है। फिर ईएमएस सॉफ्टवेयर अपने आप इन मशीनों को विधानसभाओं के बीच वितरित कर देता है। जिसके बाद कोई दल यह आरोप नहीं लगा सकेगा कि जानबूझकर कोई मशीन किसी विशेष विधानसभा अथवा बूथ में भेजी गई है।इसके साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी के द्वारा उपस्थित राजनीतिक दल के सदस्यों को नामांकन फॉर्म से संबंधित जानकारी भी दी गई और ई.व्ही.एम, व्ही.व्ही.पैट वेयरहाउस का अवलोकन भी कराया गया। इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर नरेंद्र पैकरा, रवि सिंह रिटर्निंग ऑफिसर (04) प्रेमनगर, सागर सिंह राज रिटर्निंग ऑफिसर (05) भटगांव एवं श्रीमती दीपिका नेताम रिटर्निंग ऑफिसर (06) प्रतापपुर एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
: ध्वनि प्रदूषण के लिए जारी हुए निर्देश....
Fri, Oct 20, 2023
सूरजपुर.
जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल ने ध्वनि विस्तारक यंत्रो को लेकर दिशा निर्देश दिए गये है। जिसमें लाउड स्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्र या अन्य ध्वनि उत्पन्न करने वाले यंत्र का उपयोग सार्वजनिक स्थलों पर किया जा रहा हो तो उसकी सीमा उस क्षेत्र के परिवेशीय ध्वनि पैमाने से 10 डी.बी. (ए) से अधिक नहीं होना चाहिए या 75 डी.बी. (ए) से अधिक नहीं अथवा उनमें से जो भी कम है, से अधिक नहीं होनी चाहिए। लाउड स्पीकर या माईक सेट का उपयोग बिना जिला दण्डाधिकारी या अन्य सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के बिना न किया जाये। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के मध्य किसी को भी ध्वनि विस्तारक यंत्र ड्रम या टॉम-टॉम या ट्रमपैट पीटने या ध्वनि उत्पन्न करने वाले किसी भी यंत्र के उपयोग की अनुमति नहीं दी जा सकती। अतिसंवेदनशील क्षेत्रों जैसे अस्पताल, शिक्षण संस्थाएँ, अदालत, धार्मिक संस्थाएं आदि के कम से कम 100 मीटर दूरी तक पटाखे न फोड़े जाएं। इसी प्रकार इनसे 100 मीटर की दूरी तक प्रेशर हॉर्न या म्यूजिकल हॉर्न या अन्य किसी भी प्रकार का साउंड एम्पलीफायर का उपयोग प्रतिबंधित है। भारतीय दण्ड संहिता की धारा 268, 290 एवं 291 ध्वनि प्रदूषण से संबंधित है, तथा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 133 के अंतर्गत अनुविभागीय दण्डाधिकारी को ध्वनि प्रदूषण नियंत्रित करने हेतु अधिकार दिया गया हैं। जिले के अनुविभागीय दण्डाधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, क्षेत्रीय अधिकारी, छ.ग. पर्यावरण संरक्षण मंडल अम्बिकापुर, सर्व तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी, थाना प्रभारी प्रत्येक थाना क्षेत्र में प्रावधान के उल्लंघन पर कार्यक्रम की वीडियोग्राफी करते हुए डी.जे., धुमाल सहित वाहनों को शत-प्रतिशत राजसात करने का लक्ष्य पूर्ण कराना सुनिश्चित करेगें। आवश्यकतानुसार मोटर व्हीकल एक्ट के तहत भी कार्यवाही की जायेगी।