: आज भी बैलों की जगह हल में जोती जाती हैं बेटियां
Fri, Jul 6, 2018
प्रवेश गोयल
रायपुर- यह तस्वीर नहीं, बल्कि बस्तर का वह चेहरा है, जहां आज भी ऐसे बहुत से गरीब किसान हैं, जिनके पास खेतों की जोताई के लिए ना बैल हैं, ना ही जरूरी संसाधन। ऐसे में कोंडागांव जिला मुख्यालय से उमरकोट मार्ग पर 30 किमी दूर स्थित मालगांव के बुजुर्ग आदिवासी किसान की बेटियां बैलों की जगह खुद जुतकर महिला सशक्तिकरण का उदाहरण पेश कर रही हैं।
यही वजह है कि बस्तर के आदिवासी परिवारों की अर्थव्यवस्था की धुरी माने जाने वाली नारी के विवाह के दौरान वर पक्ष धनराशि देता है, जिसे मानवशास्त्री वधुमूल्य कहते हैं।
: शिक्षक एल बी भी बन सकेंगे प्रधानपाठक, शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान
Thu, Jul 5, 2018
प्रवेश गोयल
रायपुर-
शिक्षा मंत्री केदार कश्यप ने शिक्षाकर्मियों के लिए आज विधानसभा में बड़ी घोषणा की है। शिक्षा मंत्री केदार कश्यप ने प्रश्नकाल में बताया है कि प्रदेश में प्रधान पाठकों के रिक्त पदों के अलावे प्रशासकीय पदों पर भी शिक्षक एलबी की नियुक्ति की जायेगी। केदार कश्यप ने विधायक अशोक साहू के सवाल के जवाब में बताया कि अभी शिक्षाकर्मियों के संविलियन की प्रक्रिया हुई है, जितने भी प्रधानपाठक और प्रशासकीय पद खाली पड़े हैं नियमों को जरूरतों के हिसाब से पदों की पूर्ति की जायेगी।विधान सभा मे विधायक अशोक साहू ने स्कूलों में खाली पड़े शिक्षकों के पदों और उसकी पूर्ति के संदर्भों में एक सवाल पूछा था। अशोक साहू ने जानना चाहा था कि स्कूलों में जो प्रधान पाठकों के पद खाली पड़े हैं, उन पदों पर कब तक भर्तियां की जायेगी। जवाब में मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि स्कूलों में बच्चों की संख्या के आधार पर प्रधान पाठक के पद नियत होते ंहैं। स्कूलों में संख्या 150 से ज्यादा होती है, तभी प्रधान पाठक के पद जीवित रहते हैं, जिसके बाद उन पदों पर प्रधान पाठको की भर्तियां होती है। वहीं मंत्री केदार कश्यप ने बच्चों में संख्या बल के आधार पर शिक्षकों की तैनाती का जिक करते हुए कहा कि प्रदेश में अभी प्राथमिक विद्यालयों में 26 बच्चों पर एक शिक्षक की तैनाती होती है, जबकि अपर प्राइमिरी स्कूल में 28 बच्चों पर एक शिक्षक के पद का मानक रखा गया है।
: नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम, 5 IED बरामद
Wed, Jul 4, 2018
प्रवेश गोयल
कांकेर. सुरक्षाबल के जवानों ने नक्सलियों की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है।
नक्सलियों के द्वारा सुरक्षाबल के जवानों को निशाना बनाने 5.5 किलो के आईईडी लगाए गए थेए जिन्हें सुरक्षा बल ने बरामद किया और बीडीएस की टीम ने निष्क्रिय कर दिया है। जानकारी के मुताबिक बीएसएफ और जिला पुलिस बल की टीम प्रतापपुर क्षेत्र से 2 जुलाई को गश्त पर रवाना हुई थी। इसी दौरान जवानों को सूचना मिली किए नक्सलियों के द्वारा माहला से जंगल की ओर जाने वाले रास्ते पर आईईडी प्लांट किया गया है।
सूचना मिलने पर सुरक्षाबल के जवानों ने मौके पर पहुंच आईईडी बरामद किए। जिसके बाद बीडीएस की टीम ने मौके पर पहुंच पांचों बमों को ब्लास्ट कर निष्क्रिय कर दिया है। पुलिस अधीक्षक के एल ध्रुव ने बताया किए पांच बम बरामद होने की सूचना पर बीडीएस की टीम भेजी गई थी जिन्होंने बम को निष्क्रिय कर दिया है।
माहला इलाके में बढ़ी नक्सलियों की सक्रियता माहला इलाके में नक्सलियों की गतिविधि लगातार तेज होती जा रही है। बीते हफ्ते भी इसी इलाके से 2 आईईडी जवानों ने बरामद किए थे। नक्सलियों की इस इलाके में लगातार सक्रियता को देखते सुरक्षा बलों ने सर्चिंग ऑपरेशन और तेज कर दिया है
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