: 8 साल पूरे करने वाले षिक्षाकर्मियों का 6 महीने के अंदर हो जाएगा संविलियन
Mon, Jul 2, 2018
प्रवेश गोयल
रायपुर- सोमवार को छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय नया रायपुर से एक आदेश जारी किया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी इस आदेश में कहा गया है कि राज्य शासन के निर्णय अनुसार शासकीय शालाओं में कार्यरत शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय जिनकी सेवाएं 1 जुलाई 2019 को 8 वर्ष या उससे अधिक पूर्ण होंगी। उनकी सेवाओं का दिनांक 1 जुलाई 2019 से स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन का आदेश जारी किया जाएगा।इसके पश्चात 8 वर्ष का सेवाकाल पूर्ण होने पर संबंधित वर्ष के 1 जनवरी और 1 जुलाई को संविलियन का आदेश सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया जाएगा। पत्र में आगे कहा गया है कि संविलियन की सेवा शर्तें विभाग द्वारा जारी किए गए सम संख्या का आदेश क्रमांक एफ 12.03.2018, 20-दो दिनांक 30.06.2018 में उल्लेख अनुसार होंगी। यह आदेश गौरव द्विवेदी सचिव स्कूल शिक्षा विभाग के आदेशानुसार सोमवार को जारी किया गया है।
जानकारी के अनुसार 8 वर्ष से कम वाले शिक्षाकर्मियों की चिंताओं को अधिकारियों के समक्ष रखा गया जिसे गम्भीरता से लेते हुए एक स्पष्ट आदेश जारी किया गया है जिसमें उल्लेखित है कि जैसे जैसे षिक्षाकर्मियों के 8 वर्ष पूरे होते जाएगें उनके हर 1 जनवरी और 1 जुलाई को संविलियन आदेश जारी होते जाएगें। इस आदेश से 8 वर्ष से कम वालो की यह चिंता समाप्त हुई जिससे वह भयभीत थे कि इसके बाद उनका संविलियन आदेश होगा या नही क्योंकि पूर्व में निकले आदेश में केवल 8 वर्ष हो चुके शिक्षाकर्मियों के संविलियन का जिक्र था। मोर्चा पदाधिकारियों ने आश्वस्त किया है धीरे धीरे समस्त आदेश और निर्देश प्रसारित किए जाएंगे, जिससे समस्त शंकाओं का समाधान हो जाएगा अतः समस्त शिक्षाकर्मी साथी धैर्य बनाएं रखें। मोर्चा पूरे मामले में नजर बनाए रखा हुआ है।
: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में भी राष्ट्रपति भवन है
Mon, Jul 2, 2018
राजेश सोनी
सूरजपुर- राष्ट्रपति भवन की बात होती है दिल्ली स्थित राजपथ ही आता है लेकिन आप को बता दे कि छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में भी राष्ट्रपति भवन है जहां देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद ने समय बिताया। यहाँ बकायदा राष्ट्रपति भवन का बोर्ड लगा हुआ है। इस भवन के रख.रखाव और देख रेख का काम ग्राम पंचायत और जिला प्रशासन करता है।
सूरजपुर से 25 किलोमीटर दूर अम्बिकापुर रोड पर बसा हुआ है पंडोनगर!यहा देश के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने दो दिन का समय बिताया था। राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद यहां 22 नवंबर 1952 को आए थे। लिहाजा गांव के आसपास कोई ऐसा भवन नहीं था जहां उनके ठहरने का इंतजाम किया जा सके इसलिए इस भवन का निर्माण कराया गया था।
राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद जब पंडोनगर पहुंचे तो यहां की प्राकृतिक छटा देखकर वे बेहद खुश हुए। इसके अलावा यहां आदिवासियों को देखकर बहुत आश्चर्य में थे और उनके करीब पहुचकर उन्होंने आदिवासियों से बहुत सारी बातें की। राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद को आदिवासियों की बोली समझ नहीं आ रही थी न आदिवासियों को राष्ट्रपति की। इसलिए उनके बीच संवाद स्थापित करने के लिए लोकल लोगों का सहयोग लिया गया जो हिंदी और आदिवासियों की बोली के जानकार थे।
आदिवासियों से राष्ट्रपति ने पूछा कि क्या रोटी जानते हो तो आदिवासियों का जवाब सुनकर वे भावुक हो गए। तब उन्होंने पंडोनगर के उत्थान के लिए गांव को गोद लेने की बात कही और पंडो जनजाति को अपने दत्तक पुत्र का दर्जा दिया। गांव के लोग सामूहिक रूप से हर साल देश के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद का धूमधाम के साथ जन्मदिन आज भी मनाते हैं।
आदिवासियों का रहन सहन और रीति रिवाज राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद को बेहद लुभा रहे थे। जैसे ही आदिवासियों के वाद्ययंत्रों की थाप सुनाई दी वे खुद को नहीं रोक पाए और आदिवासियों के साथ वे जमकर झूमे।
हम बताते है कहा है देश का दूसरा राष्ट्रपति भवन
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर पंडोनगर गांव है। भारत की आजादी के बाद 22 नवंबर 1952 को देश के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद यहां पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पंडो जनजाति के लोगो से मिले और वे प्रभावित भी हुये ।
इस गांव को राष्ट्रपति का गोद लिया गांव जरूर कहते हैं लेकिन आज राष्ट्रपति भवन होते हुए भी गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
इस राष्ट्रपति भवन का मरम्मत 2006 में सरगुजा कलेक्टर मनोज कुमार पिंगुआ ने ग्रामीणों के सहयोग से करवाया था। राष्ट्रपति द्वारा उस समय लगाया गया खैर का पौधा अब पेड़ बन गया है। यहां के लोग सामूहिक रूप से हर साल देश के पहले राष्ट्रपति का धूमधाम के साथ जन्मदिन मनाते हैं।
: नक्सलवाद के नाम पर आदिवासियों को मारा जा रहा-अमरजीत भगत
Sun, Jul 1, 2018
प्रवेश गोयल
बिलासपुर- प्रदेश कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष व सीतापुर के विधायक अमरजीत भगत ने राज्य सरकार को आड़ेहाथों लेते हुए कहा कि बीते 15 वर्षों के शासनकाल में इस सरकार ने जितना शोषण आदिवासियों का किया है। देश के इतिहास में किसी कभी किसी वर्ग के साथ ऐसा नहीं हुआ ।
बीते 15 वर्षों के शासनकाल में इस सरकार ने जितना शोषण आदिवासियों का किया है देश के इतिहास में किसी कभी किसी वर्ग के साथ ऐसा नहीं हुआ । नक्सलवाद के नाम पर आदिवासियों के नरसंहार का सिलसिला आज भी जारी है।
आदिवासी प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष श्री भगत शनिवार को कांग्रेस भवन में संभागीय पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। दो घंटे तक चले संभागीय सम्मेलन के दौरान प्रदेशाध्यक्ष ने राज्य की भाजपा सरकार को जमकर कोसा । उन्होंने कहा कि बीते 15 वर्षों के शासनकाल में किसानों ,मजदूरी,गरीबों,बेरोजगारों व महिलाओं का जमकर शोषण किया गया । विकास पूरी तरह अवरुद्घ हो गया है। सिर्फ कागजों में ही विकास दिखाई दे रहा है। इस सरकार ने आदिवासियों के साथ अत्याचार की पराकाष्ठा पार कर दिया है। नक्सलवाद का सुनियोजित तरीके से प्रदेश सरकार द्वारा पोषण किया जा रहा है जिससे आदिवासियों का शोषण निरंतर जारी रखा जा सके नहीं तो 15 वर्षों में इस समस्या का उन्मूलन नहीं किया जा सकता था। झलियामारी में वर्षों तक मासूम आदिवासी बेटियों के साथ दुष्कर्म होता रहा और सरकार सोती रही । नक्सल मुठभेड़ के नाम पर बलरामपुर में आदिवासी छात्रा की हत्या कर दी गई । जिसे जांच और पुख्ता तथ्य प्रस्तुत करने के बाद सरकार ने सदन में स्वीकार किया और दो लाख का मुआवजा परिवार को दिया। क्या एक आदिवासी बेटी की जान की कीमत दो लाख रुपये है। आदिवासी कांग्रेस के पदाधिकारियों से आदिवासी हितों और कांग्रेस को मजबूत करने के लिए सक्रिय रहने का आह्वान करते हुए कहा कि आदिवासी वर्ग में भय का वातावरण तैयार कर खनन माफियाओं और अन्य माफियाओं को संरक्षण देने का कार्य प्रदेश की भाजपा सरकार कर रही है। इसे हर हाल में बेनकाब करना होगा । जिला कांगे्रस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी ने आदिवासी हितों के लिए कांग्रेस सरकार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में ही आदिवासी सुरक्षित रह कर विकास की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। भाजपा सदैव आदिवासियों से सौतेला व्यवहार करती रही है। कार्यक्रम को शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नरेंद्र बोलर,पूर्व विधायक अरुण तिवारी, पूर्व महापौर वाणी राव, प्रदेश प्रतिनिधि राजेंद्र शुक्ला, जागेश्वरी वर्मा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर प्रदेश सचिव रामशरण यादव, अनिल सिंह चौहान, ब्लाक अध्यक्ष कोटा रामफल बिंझवार, आदि उपस्थित थे।