: सूरजपुरवासियों का प्यार रहेगा जीवन भर याद- आरके शुक्ला
Sun, Jul 1, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- पुलिस विभाग में 35 वर्ष की सेवाएं प्रदान करने के बाद डीएसपी आरके शुक्ला 30 जून को सेवानिवृत हो गये, सेवानिवृति उपरांत उन्हें पुलिस परिवार द्वारा भावभिनी विदाई दी गई। इस दौरान उन्होंने कहा कि सूरजपुर जिले में जनता से मिले स्नेह और विभाग से मिला अपनत्व हमेषा याद रहेगा।
विदित हो कि सभी से मित्रवत व्यवहार, विपरित परिस्थितियों में भी डटकर मुस्तैदी से ड्यिटी करने वाले सहज, सरल व मृदृभाषी एसडीओपी प्रतापपुर के पद पर पदस्थ रहे आर.के.शुक्ला को सम्मानित करने हेतु पुलिस कन्ट्रोल रूम सूरजपुर के सभाकक्ष में विदाई समारोह का आयोजन किया गया जिसमें उनके कार्यकाल की प्रषंसा करते हुए सहयोगियों ने पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया।
इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेघा टेंभुरकर ने कहा कि आरके शुक्ला पुलिस विभाग में अपनी सेवायें वर्ष 1983 से लगातार आज तक देते रहे। इन्होंने अपने कर्तव्यों के प्रति सजग एवं निष्ठावान रहे वहीं आचरण एवं व्यवहार से सरल एवं मृदुभाषी होने से विभाग के साथ-साथ आम जनमानस में भी प्रिय रहे। इनके साथ कार्य करने का अच्छा अनुभव रहा, इन्होंने सदैव कानून व्यवस्था ड्यिटी व अन्य सौपें गये कर्तव्यों को हंसते, मुस्कुराते पूरा किया है इनके स्वभाव को हमे अपनानी चाहिऐ। इनके तथा इनके परिवार के सुखद एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। इस अवसर पर पुलिस के अधिकारियों ने भी आरके शुक्ला के साथ किये गये कार्यो एवं अनुभवों के बारे में बताया।
वहीं सेवानिवृत्त हो रहे एसडीओपी प्रतापपुर आर.के.शुक्ला ने इस अवसर पर कहा कि सूरजपुर पुलिस परिवार का जो स्नेह एवं प्यार मुझे मिला वह सदैव याद रहेगा। पुलिस विभाग एक अनुषासित विभाग है, कोई भी व्यक्ति पूरा परिपक्व नहीं होता, हमेषा अच्छे कार्यो को सीखने की चाहत होनी चाहिये, परिस्थितियां चाहे जैसी भी हो पुलिस कभी हिम्मत नहीं हारती। उन्हांने कहा कि पुलिस विभाग की सेवा एवं सूरजपुर पुलिस के द्वारा सेवानिवृत्त के अवसर पर जो मुझे सम्मान दिया है उसका सदैव आभारी रहूंगा। समारोह में एसडीओपी प्रतापपुर आर.के.शुक्ला को शाल व श्रीफल देकर सम्मानित किया गया तथा विदाई समारोह शुक्ला मानस पटल पर अक्षुण्ण रखने हेतु उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। आरके शुक्ला की सेवानिवृत्ति उपरांत एसडीओपी प्रतापपुर की जिम्मेदारी डीएसपी राकेश पाटनवार संभालेंगे। मंच का संचालन प्रधान आरक्षक रामनिवास तिवारी के द्वारा किया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बी.एल.केहरी, सीएसपी डी.के.सिंह, डीएसपी मुख्यालय निमिषा पाण्डेय, एसडीओपी चंचल तिवारी, मनोज धु्रव, राकेश पाटनवार सहित जिले के विभिन्न थाना चौकी प्रभारी, पुलिस अधीक्षक कार्यालय के स्टाफ एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
: स्वास्थ्य षिविर में दिखी पुलिस की सामाजिक सरोकार की झलक
Sun, Jul 1, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- क्षेत्र और जनता की सुरक्षा के साथ- साथ जनसामान्य के साथ सामाजिक सरोकार रखने की नई परम्परा शुरू करते हुए सूरजपुर पुलिस ने रामानुजनगर में स्वास्थ्य षिविर का आयोजन किया और 160 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःषुल्क दवाईयां वितरित की। पुलिस की इस पहल की लोगों के द्वारा भूरी- भूरी प्रषंसा की जा रही है।
गौरतलब है कि पुलिस अधीक्षक जीएस जायसवाल के द्वारा सामाजिक सरोकार पर आधारित मिषन सहयोग की शुरूआत की गई है, जिसके तहत जिले के थाना चौकी क्षेत्र के दुरस्थ ग्रामों में स्वास्थ्य षिविर लगवाने के निर्देष थाना चौकी प्रभारियों को दिया गया है। इसी कड़ी में रामानुजनगर थाना प्रभारी रामेन्द्र सिंह के द्वारा ग्राम साल्ही के खोरखोरीपारा में एसईसीएल विश्रामपुर के सहयोग से पुलिस अधीक्षक जीएस जायसवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेघा टेंभुरकर एवं एसडीओपी प्रेमनगर चंचल तिवारी के मार्गदर्षन में स्वास्थ्य षिविर का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य षिविर में एसईसीएल विश्रामपुर के स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा ग्राम साल्ही, खोरखोरीपारा, आमगांव एवं राजापुर एवं आसपास के करीब 160 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाई वितरण किया वहीं आगामी बरसात के मौसम में होने वाले बीमारी एवं उनसे बचाव के तरीके, डीडीटी का छिड़काव एवं मच्छरदानी का उपयोग के संबंध में जानकारी दी गई। ‘‘सहयोग’’ के बैनर तले आयोजित स्वास्थ्य षिविर में आये ग्रामीणों को थाना प्रभारी रामानुजनगर के द्वारा पुलिस का सहयोग करने, अवैध गतिविधियों की जानकारी देने एवं किसी प्रकार का अपराध घटित होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने, बच्चों की चोरी व किडनी निकालने के अफवाह के संबंध में जानकारी दी गई। इस आयोजन में थाना प्रभारी रामानुजनगर रामेन्द्र सिंह, एसआई चित्रलेखा साहू, आरक्षक देवदत्त दुबे, रामसागर साहू, अमलेष्वर सिंह एवं एसईसीएल विश्रामपुर के स्वास्थ्य अमला सक्रिय रहे।
: जिले वासियों को राहत मिलेगी टोल टेक्स से
Sun, Jul 1, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- सूरजपुर-बिश्रामपुर मुख्य मार्ग स्थित रेणनदी पर नया पुल बन जाने से 65 वर्ष से अधिक बूढ़े और जर्जर पुल से लोगां को मुक्ति तो मिल गई, लेकिन इस नये पुल पर शासन द्वारा पथकर का प्रावधान कर दिये जाने से इस मार्ग से आवागमन करने वाले लोगों की जेब पर इसका असर पड़ेगा।
गौरतलब है कि एनएच 43 राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत जीवनदायिनी कही जाने वाली रेणुका नदी पर 8 करोड़ रुपये की लागत से नए पुल का निर्माण किया गया है। जिसका लोकार्पण प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के द्वारा गत 20 मई को ग्राम उंचडीह में विकास यात्रा के दौरान किया गया। आजादी से पूर्व सन् 1933 में ब्रिटिश शासन द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित रेणनदी पर एकांकी पुल का निर्माण कराया गया था। 85 वर्ष की निर्बाध्य सेवा देने के बाद जर्जर हो चुके इस पूल में आए दिन दुर्घटनाओं व पूल के धराशायी होने की आशंका बनी रहती थी और लम्बे समय से नये पुल निर्माण की मांग की जा रही थी।
सड़क निर्माण का कार्य पूरा होते ही शुरू हो जायेगा टोल-गेट
राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों के अनुसार जून माह में एनएच 43 के तहत पार्वतीपुर से कमलपुर तक सड़क निर्माण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा और कार्य पूर्ण होते ही टोल-गेट चालू कर दिया जाएगा। टोल गेट पर 6 लाईन हांगी जिनमें से दो लाईन व्हीआईपी एवं ओव्हरलोड वाहनों के आवागमन के लिए होगी। वहीं चार लाईनों से पथकर जमा करने के उपरांत ही वाहनों का आवागमन होगा।
10 किमी दायरे को करमुक्त रखने की मांग
इस नए पूल पर शासन द्वारा टोल टैक्स का प्रावधान किये जाने के निर्णय से सूरजपुर व बिश्रामपुर वासियों में नाराजगी देखने को मिल रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि नवनिर्मित पूल पर पथकर आरोपित करना ठीक है लेकिन इस पथकर से सूरजपुर व बिश्रामपुर समेत 10 किमी के दायरे में आले वाले ग्रामों को मुक्त रखा जाना चाहिए। सूरजपुर और बिश्रामपुर का विभिन्न क्षेत्रों में अटूट संबंध है, षिक्षा, चिकित्सा, रोजगार, व्यवसाय और कालरी व रेल्वे के कर्मचारियों के साथ- साथ जिला प्रषासन के अधिकारियों व कर्मचारियों का आवागमन प्रतिदिन समय असमय होता रहता है। ऐसे में उन्हें पथकर के दायरे में लाना केवल नुकसान दायक ही नहीं अपितु उनके लिए परेषानी का भी कारण साबित होगा।
पूराने पुल को धरोहर के रूप में संजोने की मांग
आजादी से पूर्व सन् 1933 में ब्रिटिष शासनकाल में बने रेणनदी के पुराने पुल को धरोहर के रूप में संजोकर रखने की मांग स्थानीय जनप्रतिनिधियों व क्षेत्रवासियों के द्वारा की जा रही है। कालातित होने के बावजूद 85 वर्षों तक राष्ट्रीय राजमार्ग में व्यस्ततम आवागमन के दबाव के मध्य कायम रहने वाले बूढ़े व पुराने पुल का जीर्णोद्धार कर उसे धरोहर बनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए रखने की आवष्यकता है।
टोल गेट शुरू होने की प्रक्रिया विभागीय दाव पेंच होने के कारण अभी और समय लग सकता है, टोल गेट में वसूली कर्ता एजेंसी व पथकर की दर का निर्धारण नहीं हो पाया है, मंत्रालय स्तर पर निर्धारण किया जायेगा। पथकर की वसूली में छूट के प्रावधानों का मापदण्ड अभी तय नहीं हुआ है।
व्हीके पटोरिया, कार्यपालन अभियंता एनएच