: सूरजपुर के किस तहसीलदार पर लगा एस्सार कम्पनी से सांठगांठ का आरोप
Tue, Jul 17, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- जिले के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के लोगों ने ओडगी तहसीलदार पर मुआवजा में हेराफेरी करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है ग्रामीणों का कहना है कि ओडगी तहसीलदार शालिकराम गुप्ता के द्वारा एस्सार पावर ट्रांसमिशन कंपनी के एजीएम के के त्रिपाठी के साथ सांठगांठ करके टावर और तार बिछाने के काम में ग्रामीणों के साथ भेदभाव किया गया है। मुआवजा वितरण की ना तो कोई गाइडलाइन बताई गई है और ना ही कोई दर निर्धारण किया गया ह,ै ऐसी स्थिति में नियम विरुद्ध तरीके से तहसीलदार द्वारा ग्रामीणों को क्षति पहुंचाई जा रही है।
ओड़गी जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष नित्यानंद पाठक ने बताया कि एस्सार पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा टावर निर्माण एवं तार बिछाने का काम किया जा रहा है टावर लगाने के दौरान किसानों के साथ समन्वय बनाने और पंचायत की सहमति लेकर गाइडलाइन के अनुसार मुआवजा देने का प्रावधान है, लेकिन किसी भी प्रावधान का तहसीलदार के द्वारा पालन नहीं किया गया है उनका कहना है कि एस्सार कंपनी के एजीएम के के त्रिपाठी और तहसीलदार शालिक राम गुप्ता ने आपस में सांठगांठ करके दलालों के सहयोग से किसानों का हक छीन लिया है किसानों को न तो विश्वास में लिया गया है और ना ही उनकी जमीन का उचित मुआवजा दिया जा रहा है मुआवजा वितरण से पूर्व ग्रामसभा का आयोजन कर वांछित भूमि का मुआवजा निर्धारित किया जाना था, लेकिन भूमि के दर निर्धारण को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है टावर लगाने के लिए जमीन के साथ-साथ इस मार्ग में पड़ने वाले पेड़ पौधों की भी कीमत किसानों को दिया जाना चाहिए था लेकिन तहसीलदार ने सांठगांठ कर पूरे प्रकरण में गरीब आदिवासी और किसानों को नुकसान पहुंचाया है कई किसानों को तो मुआवजा भी नहीं मिला है और दलालों के नाम पर फर्जी रूप से मुआवजा प्रकरण बनाकर उन्हें लाभ पहुंचाया जा रहा है जनपद उपाध्यक्ष नित्यानंद पाठक ने इसकी शिकायत कलेक्टर से करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
प्रभावित किसानों को नहीं मिला मुआवजा
जनपद उपाध्यक्ष नित्यानंद पाठक ने बताया कि जिन किसानों की जमीन पर टावर लगाया जा रहा है और टावर के कारण जिन किसानों की जमीन प्रभावित है उनमें मुकुंदलाल जायसवाल, बैकुंठ पूरी, जगदीशपुरी, पवन कुमार, देवांगनपुरी, रामजी जायसवाल, लालजी, सीताराम, रिचक बिहारी, सुरेंद्रपुरी, विजय बहादुर, कन्नीलाल, अरविंद कुमार, राजकुमार, परशुराम, रामकृपाल, सोबरन सिंह, कमलेश कुमारी, बिहारीलाल, लालबिहारी, श्याम सुंदर, नन्हीं पण्डो, कांता सिंह, खूनप्रसाद, केवल सिंह, कुमान सिंह, अंबिका सिंह, शुघर सिंह, मनबोध यादव, नंदपुरी एवं अन्य किसान और उनके सगे संबंधी का नाम शामिल है जिन्हें मुआवजा के नाम पर ठग दिया गया है।
: कुटरचना के आरोप में मुख्य प्रतिलिपिकार और भृत्य सस्पेंड
Tue, Jul 17, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- कलेक्ट्रेट की मुख्य प्रतिलिपि शाखा में भूमि के मूल दस्तावेज में कुटरचना कर आवेदक को लाभ पहुंचाने वाले मुख्य प्रतिलिपिकार और शाखा के सहयोगी भृत्य को अपर कलेक्टर केपी साय ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
गौरतलब है कि खातेदार हीरन कुमार वल्द किनू कुम्हार निवासी पाठकपुर के सेंटेलमेंट खसरा व रकबा संबंधी दस्तावेज संदिग्ध पाये जाने पर नायब तहसीलदार पिलखा के द्वारा शिकायत की गई थी, जिस पर कलेक्टर केसी देवसेनापति ने जांच समिति गठित कर संदिग्ध प्रविष्टि की जांच कराई थी। जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्ट ने कार्रवाई के निर्देश दिये थे, अपर कलेक्टर केपी साय ने आदेश जारी कर कुटरचना में दोषी पाये जाने वाले मुख्य प्रतिलिपिकार दुर्गेश कुमार सिंह सहायक ग्रेड 3 और खाद्य शाखा के भृत्य राजेन्द्र केरकेट्टा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए दुर्गेश कुमार सिंह का मुख्यालय तहसील कार्यालय सूरजपुर नियत किया गया है। इस कार्रवाई से प्रतिलिपि शाखा में हड़कम्प मच गया है।
: गोंगपा का नहीं है वजूद और छजकां तो है शैशव काल में
Tue, Jul 17, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- स्थानीय विश्राम भवन में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक लेने के उपरांत कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामदयाल उइके ने पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में कहा कि अकेला रामदयाल उइके गोंगपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर 15 वर्षों से भारी है, प्रदेष में जिस पार्टी की एक भी सीट नहीं है उस पार्टी से गठबंधन का तो सवाल ही नहीं उठता। उन्हांने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेष की राजनीति में गोंगपा का कोई वजूद नहीं है।
छजकां है शैशव अवस्था में
वहीं पूर्व वनमंत्री एवं प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक डॉ प्रेमसाय सिंह ने कहा कि प्रदेष की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस के मध्य सीधा मुकाबला होना है, नवोदित जोगी कांग्रेस के वजूद को लेकर उन्हांने कहा कि वह अभी शैषव अवस्था में है। छजकां को लेकर न तो कांग्रेस कभी चिंतीत रही है और न ही उसे तीसरी शक्ति के रूप में देख रही है।