: जेल में पेयजल संकट, जहरीले पानी ने बढ़ाई जेल प्रबंधन की मुसीबत
Wed, Jul 4, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- उपेजल सूरजपुर में निरूद्ध विचाराधीन बंदी इन दिनों दूषित पानी पीने को मजबूर है, जेल प्रबंधन द्वारा पेयजल के लिए खुदाई कराये गये सभी ट्यूबवेलों से फ्लोराइड युक्त पानी निकलने के कारण नगर पालिका के टैंकर से पानी लेना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि सूरजपुर न्यायालय द्वारा हाल ही में निरूद्ध बंदियों को कानूनी जानकारी प्रदान करने हेतु विधिक साक्षरता षिविर लगाया था, तब इस बात की जानकारी न्यायधीषगणों को लगी कि जेल परिसर में खोदे गये सभी ट्यूबवेलों से निकलने वाले पानी में फ्लोराइड की मात्रा बहुत ज्यादा है, प्रदूषित पानी निकलने के कारण बंदियों व जेल कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर बूरा असर डालता है। जेल में रहने वाले बंदियों और कर्मचारियों को ऐसी स्थिति में पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। यह बात संज्ञान में आते ही विधिक टीम ने कलेक्टर केसी देवसेनापति से चर्चा की तो कलेक्टर ने सूरजपुर नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी घनष्याम शर्मा को टैंकर से जेल में पेयजल की सप्लाई करने हेतु निर्देषित किया, इस पहल के बाद जेल में टैंकरों से पानी की सप्लाई तो शुरू हो गई, लेकिन इस व्यवस्था से जेलकर्मियों व बंदियों को उतनी मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है, जितनी जरूरत है।
पीएचई और नपा प्रबंधन कर रहा लापरवाही
इस संबंध में सूरजपुर जेल के अधीक्षक एके शुक्ला ने चर्चा के दौरान बताया कि बंदियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु अब तक परिसर में चार ट्यूबवेल खोदे गये है, सभी ट्यूबवेलों में फ्लोराइड की मात्रा बहुत ज्यादा होने से पानी का उपयोग घातक है। नगर पालिका की पेयजल सप्लाई लाईन से कनेक्षन लेने हेतु पीएचई और नपा प्रबंधन को कई मर्तबा पत्र लिखा गया है, लेकिन पांच माह बीत जाने के बाद भी इस दिषा में कोई पहल न होने से जेल में पानी की समस्या यथावत बनी हुई है।
नपा ने पीएचई पर किया दोषारोपण
जेल की पेयजल समस्या का समाधान करने के लिए महज दो मीटर पाईप लाईन और वाल्व लगाने की आवष्यकता है, जिसके लिए नगर पालिका और पीएचई प्रबंधन के मध्य पत्र युद्ध चल रहा है। वास्तव में पीएचई द्वारा वाल्व उपलब्ध करा दिया जाता तो जेल तक शुद्ध पेयजल आसानी से पहुच जाता, लेकिन पीएचई इस दिषा में कोई पहल नहीं कर रही है। ऐसा नहीं है कि पीएचई अगर उपकरण प्रदान न करे तो नगर पालिका इस कार्य को नहीं कर पायेगी। नगर पालिका भी जेल में पानी पहुंचाने हेतु पाईप लाईन को दूरूस्त करने की बजाये पीएचई पर दोषारोपण करने में तुली है।
: अनुभव से मिलती है मंजिल, बुर्जुग हैं अनुभव की खान
Wed, Jul 4, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- समाज में परिवर्तन के लिए सकारात्मक अनुभव की आवष्यकता होती है और अनुभव हमें बुर्जुगां से मिलता है। उम्र तो आकड़ों का खेल है यदि व्यक्ति हर उम्र स्वयं को सकारात्मक दिषा में रखकर व्यस्त रहे तो उम्र में स्वास्थ्य गत परेषानी हावी नहीं हो पाती। यह बातें सरगुजा रेंज के आईजी हिमांषू गुप्ता ने सूरजपुर पुलिस परिवार द्वारा सामाजिक सरोकार की ओर बढ़ाये गये कदम का समर्थन करते हुए वृद्ध जन की सुरक्षा पर आधारित एक दिवसीय कार्यषाला के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त की। उन्होंने सूरजपुर एसपी जीएस जायसवाल के सहयोग अभियान की जमकर प्रषंसा भी की।
उल्लेखनिय है कि पुलिस प्रषासन के द्वारा सहयोग के बेनर तले वृद्धजनों में जागरूकता लाने हेतु आयोजित एक दिवसीय कार्यषाला और वृद्धजन का सम्मान समारोह आईजी हिमांषू गुप्ता, कलेक्टर केसी देवसेनापति, पुलिस अधीक्षक जीएस जायसवाल, सीएमएचओ डॉ एसपी वैष्य, एएसपी मेघा टेम्भूरकर और एडीपीओ सत्यप्रकाष महिलाने की उपस्थिति में किया गया। इस दौरान जिले के कलेक्टर केसी देवसेनापति ने कहा कि विषालकाय वृक्ष की मजबूत जड़ों के रूप में बुर्जुग की भूमिका होती है जो समाज को अपने अनुभव के आधार पर संरक्षित और पोषित करते हैं, ऐसे में वृद्धजनों का सम्मान करना सभी वर्ग समुदाय का दायित्व बनता है, वहीं पुलिस अधीक्षक गिरजा शंकर जायसवाल ने बुर्जुगजनों के अस्तित्व की चिंता करते हुए समाज में उनकों सम्मानित करने हेतु पुलिस परिवार की इस पहल को एक कदम बताया और कहा कि बुर्जुगरूपी वट वृक्ष की छाव में अनुभव, ज्ञान, सम्मान, संस्कार, परम्पराएं और आनंद का समावेष पलता है। उन्होंने सामाजिक प्रषासनिक और कानूनी अधिकारों का जिक्र करते हुए बुर्जुगजनों को जागरूक किया।
शाल, श्रृफल से हुआ बुर्जुगों का सम्मान
कार्यषाला के शुभारंभ अवसर पर आईजी हिमांषू गुप्ता और मंचस्थ अतिथियों के द्वारा जिले के 100 से भी अधिक वृद्धजनों का सम्मान शाल, श्रृफल व स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया गया, इस अवसर पर एडीपीओ सत्यप्रकाष महिलाने ने बुर्जुगों को संरक्षित करने हेतु संविधान द्वारा प्रदत्त कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी वहीं सीएचएमओ डॉ एसपी वैष्य ने बढ़ती उम्र के मद्देनजर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने कई महत्वपूर्ण बातें बताई इस दौरान कार्यषाला में उपस्थित वृद्धजनों के स्वास्थ्य का परीक्षण भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन डीएसपी निमिषा पाण्डेय ने किया वहीं आयोजन को सफल बनाने में एसडीओपी मनोज धु्रव, चंचल तिवारी, सीएसपी डीके सिंह, मनोज सिंह केषर, डीएसपी रामश्रृंगार यादव, चंद्रमा यादव के अलावा पुष्पेन्द्र शर्मा, टीआई दीपक पासवान, सरफराज फिरदौसी, कपिल देव पाण्डेय, प्रमोद पाण्डेय, सूरजन राजवाडे़, प्रदुमन तिवारी व अन्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई इस दौरान वरिष्ठ नागरिक संघ के अध्यक्ष एसएसपी जायसवाल, सेवानिवृत षिक्षक विक्रम प्रसाद सोनी, धरमपाल राजवाडे़, एसके तिवारी, एसजे सिंघल, सुषील अग्रवाल, अनिल गोयल, रामलखन यादव, मोतीलाल गुप्ता, राजेन्द्र खानदानी, महावीर अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में वृद्धजन उपस्थित रहे।
बुर्जुगों के लिए जल्दी बनेगी बापू की कुटिया
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर केसी देवसेनापति ने बताया कि जिला प्रषासन बुर्जुगां के लिए जल्दी ही एक नई पहल कर रहा है, राजधानी रायपुर के तर्ज में सूरजपुर में भी बुर्जुगों के लिए बापू की कुटिया का निर्माण किया जायेगा। उन्होंने यह भी बताया कि सूरजपुर के षिवपार्क को बुर्जुगों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। जहां बुर्जुगजन मनचाहा समय व्यतीत कर सकेंगे।
: दलित मां बेटी पर शिक्षक परिवार का कहर
Tue, Jul 3, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- वैसे तो शिक्षक को समाज का आईना और भविष्य का निर्माता कहा जाता है लेकिन जिले में एक शिक्षक ऐसा भी है क्यों दलित परिवार के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा हैए उसने पहले तो दलित परिवार की बहू को अपने प्रेम जाल में फंसाकर शिक्षक ने एक पत्नी के रहते उससे दूसरी शादी कर ली वहीं दूसरी ओर शिक्षक के पुत्र द्वारा इसी दलित परिवार की नाबालिग बेटी को उठाकर ले जाने की धमकी दी जा रही है जिससे पूरा दलित परिवार दहशत में है।
इस संबंध में पीड़ित दलित परिवार के सदस्यों ने देवलोक से चर्चा करते हुए बताया कि सूरजपुर जिले के ग्राम तेलसरा स्थित प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक देवचंद सिदार अक्सर सूरजपुर के अग्रसेन स्टेडियम के समीप स्थित दलित परिवार के घर किसी न किसी बहाने से आता था इस दौरान परिवार की बड़ी बहू पर वह बुरी नजर रखने लगा और बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने के नाम पर परिवार की नजदीकियां हासिल कर ली। कुछ दिनों बाद बड़ी बहू को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया और विगत 26 जून को उसे भगा कर उसके साथ मंदिर में शादी कर ली जबकि ऐसा करने वाला शिक्षक पहले से ही शादीशुदा है और 3 बच्चों का पिता है।
मां के बाद बेटी को मिल रही है उठा ले जाने की धमकी
जहां एक और शिक्षक पिता ने मां के साथ गैरकानूनी तरीके से शादी रचा ली वही शिक्षक के पुत्र की नजर दलित परिवार की बेटी पर है। अपनी मां की इस करतूत की शिकायत जब दलित परिवार की 17 वर्षीय बेटी ने पुलिस से करते हुए कार्यवाही की मांग की और पुलिस जब शिक्षक के घर पहुंची तो शिक्षक के पुत्र सरनाम सिंह ने किसी दलित परिवार की नाबालिग बेटी के पास फोन कर पहले तो उसे गंदी गंदी गालियां दी और फिर शिक्षक के पुत्र ने यह धमकी दे डाली कि अभी तो तुम्हारी मां को उठा कर ले गए हैं अब तुम्हारा नंबर है तुम्हें मैं अपनी पत्नी बनाऊंगा। शिक्षक पुत्र की धमकी से दलित परिवार के सभी सदस्य भयभीत हैं और पुलिस से न्याय की मांग कर रहे हैं।
पुलिस करेगी कड़ी कार्रवाई
दलित परिवार के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने पर तुले शिक्षक और उसके पुत्र की हरकतों के विरुद्ध कार्रवाई के संबंध में कोतवाली थाना प्रभारी दीपक कुमार पासवान ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है परिजनों द्वारा बहू के गुम हो जाने की शिकायत की गई है बहू की तलाश की जा रही है वही शिक्षक पुत्र की धमकी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।