: पुलिस की कथनी और करनी का पण्डो समाज ने खोला पोल...जिसे पुलिस ने बाईक चोर बताया उसे पण्डो समाज ने खरीददार बताया…पुलिसिंग कार्यवाही पर उठते सवाल...?
Admin
Tue, Aug 24, 2021
राजेश सोनी
सूरजपुर. जिले की पुलिस महकमा की बात ही निराली है विभाग खुद की छवि बनाने के लिये कुछ भी करने से बाज नही आती. पुलिस प्रताडना हिरासत में मौत की बात हो या अवैध कारोबार की कार्यवाही की लगातार कंलकित होता यह संस्थान अपनी विश्वनीयता खोता जा रहा है लोगो ने बताया कि इनके पाखंड झुठे भ्रामक कार्यवाही से आम लोग परेशान है. खुद की वाहवाही में लगे पुलिस अधीक्षक यह भी नही देखते की उनके विभाग में कितने कलंकित दागदार अधिकारी है जो प्रतिदिन विभाग की छवि को धुमिल करने में लगे रहते है बहरहाल बात करे बीते दिनो पुलिस अधीक्षक की बिश्रामपुर में हुये बाईक चोरी की खुलासे की. पुलिस ने बाईक चोरी के आरोप में 5 आरोपियों से 7 मोटर सायकल को जप्त किया. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चोर गिरोह मोटर सायकल बेचने की फिराक में बिश्रामपुर के शराब भटटी के पास घुम रहे है मुखबीर की सुचना पर कार्यवाही करते हुये 5 आरोपियों से 7 मोटरसायकल को जप्त कर बिश्रामपुर थाने में धारा 41(1-4),379 के तहत कार्यवाही किया गया. पुलिस की कथनी और करनी में बहुत अंतर है पुलिस ने जिस पंडो को मोटर सायकल चोर बताया उसे उसके परिजन और समाज बेकसुर बता रहे है समाजिक कार्यकर्ता व पण्डो समाज के पदाधिकारी उदय पंडो ने इस पुरे मामले में पुलिस की कार्यवाही की भर्त्सना करते हुये दोषी अधिकारी पर कार्यवाही करने की मांग की है. बाईक चोरी के आरोप में जेल भेजे गये अनिल पंडो की पत्नी ने बताया कि उनके पति ने 9 महिने पहले दिवाली के समय 15 हजार में मुराद खान से बाईक खरीदा था उधारी कर्जा लेकर. बेचने वाले ने गाडी की कागजात बाद में देने को बोला था इसके लिये वे बराबर बेचने वाले के घर का चक्कर लगाते रहे. उन लोगो को नही मालुम था कि यह बाईक चोरी की है इसी दौरान 20 अगस्त की रात अनिल पंडो को पुलिस ले जाती है और पुलिस का बराबर सहयोग करते हुये उसके जरिये मुराद खान पकडाता है और उससे अन्य आरोपी भी. इसी बीच उससे 5 हजार रुपये मांगे गये, नही देने पर उसे चोरी का आरोपी बना दिया गया.
मांगी गई रिश्वत
पंडो समाज के साथ परिजनो ने लटोरी पुलिस चौकी के पदस्थ आरक्षक पर 5 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाये है बकायदा मोबाईल में किये गये फोन की दस्तावेज पुलिस अधीक्षक को सौपे गये है. बहरहाल यह वही पुलिस चौकी है जहा पर बिजली विभाग के इंजीनियर की पुलिस हिरासत में मौत हुई थी, पुलिस प्रताडना के आरोप भी लगे थे.
जांच कराई जा रही है
इससे संबंधित आवेदन मिले है और इसकी जांच कराई जा रही है-श्रीमति भावना गुप्ता पुलिस अधीक्षक
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