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: ये किस काम की सुविधा सरकार...! जिला अस्पताल में धरती के भगवानों की मनमानी,सरकार की मंशा पर फिर रहा पानी...अस्पताल में नही घर मे इलाज पर जोर,मरीज हलाकान...

Admin

Sun, Dec 4, 2022

सूरजपुर. जिला चिकित्सालय में तमाम सुविधाओं के उपलब्ध होने के बाद भी मरीजो को इसका लाभ नही मिल रहा है।डॉक्टरों की मनमानी व क्लीनिकल प्रेम के कारण सरकार की मंशा पर पानी फिर रहा है और डॉक्टरों पर किसी का अंकुश नही है।जिससे जिला अस्पताल भगवान भरोसे हो कर रह गया है। सिविल सर्जन के तबादले के बाद तो स्थिति और बद से बदतर हो गई है।जिला चिकित्सालय में इन दिनों डॉक्टरों की मनमानी चरम सीमा पर है ना ड्यूटी आने का टाइम है ना जाने का कोई टाइम टेबल है। अपने मन मुताबिक टाइम पर जिला चिकित्सालय पहुंचते हैं और अस्पताल में औपचारिकता करते है जबकि निजी क्लीनिक में बेहतर सुविधा पर जोर देते है। अधिकांश डॉक्टर अपने घर में इलाज के नाम पर दुकानदारी कर रहे हैं इतना ही नही कुछ तो अम्बिकापुर तक सेटिंग किये हुए है। जिला चिकित्सालय के कई चर्चित डॉक्टरों पर आरोप लगे है जिसकी शिकायते भी हुई है जिसमे महिला डॉक्टर भी शामिल है पर इनका रसूख इतना है कोई कार्रवाई आज तक नही हुई।जिससे उनके हौसलों को चार चांद लगा हुआ है। सरकार गरीब से लेकर सभी लोगो का इलाज मुफ्त कराना चाहती है जिसके लिए जिला चिकित्सालय में तमाम सुविधा उपलब्ध कराया गया है। लेकिन कमीशन के चक्कर में सब सुविधा बेकार है। सोनोग्राफी एक्स-रे व जांच के लिए अपने चहेते क्लिनिक में भेजते हैं। जहां मरीज के हिसाब से कमीशन फिक्स है। कुछ डॉक्टर अपने घर में डिलीवरी करवा कर मोटी रकम वसूली जा रही है । एक  मरीज के परिजन ने बताया कि डिलीवरी के लिए उससे मोटी रकम ले लिया गया। उसने बताया कि जिला चिकित्सालय में अपने पत्नी को एडमिट कराया था मैं डॉक्टर को बार-बार फोन कर रहा था डिलीवरी के लिए लेकिन फोन किया तो डॉक्टर के द्वारा बोला गया कि घर में आ जाओ अच्छा इलाज हो जाएगा घर जाने के बाद मैं तो सोचा भी नहीं था कि इतनी बड़ी रकम मुझसे लेंगे और मुझे मजबूरन देना पड़ा। जिला अस्पताल की इस अव्यवस्था पर न तो अधिकारियों की नजर है और न ही जनप्रतिनिधियों को चिंता है जिससे मरीज परेशान है।

नियमित किया जा रहा निरीक्षण

ओपीडी का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है ताकि मरीजों को किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े।निजी क्लीनिक में भेजने की शिकायत मिली तो जांच उपरांत कार्रवाई की जाएगी।

आर .के. त्रिपाठी, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक सूरजपुर

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